रायपुर। गैस सिलेंडर रिफलिंग कराने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी और ओटीपी सिस्टम को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है। ऑयल कंपनियों ने इसके लिए गैस एजेंसियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं कि हर उपभोक्ता का ई-केवाईसी अनिवार्य है। इसके साथ ही, उपभोक्ता को डिलीवरी के समय वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भी उपलब्ध कराना होगा। यदि उपभोक्ता डिलीवरी ओटीपी नहीं देता है तो उसे सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।
खाद्य विभाग के मुताबिक पिछले डेढ़ साल से उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी अपडेट कराने प्रेरित किया जा रहा था पर असर नहीं हुआ। करीब 60 से 65 फीसदी उपभोक्ताओं ने ही ई-केवाईसी अपडेट कराया है। इससे सिलेंडर रिफलिंग में पारदर्शिता नहीं आ पा रही है इसलिए अब इसे सख्ती से लागू करने निर्देश जारी हुए हैं। ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम लागू होने से भविष्य में गैस की कालाबाजारी और फर्जी बुकिंग पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी। यही कारण है कि इस नियम को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है।
गैस वितरकों ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी अपडेट करवाएं। साथ ही गैस सिलेंडर मिलने के समय डिलीवरी मैन को ओटीपी अवश्य दें। यह ओटीपी गैस सिलेंडर बुकिंग के दौरान ही उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आता है। सभी गैस उपभोक्ताओं के लिए ईकेवाइसी व साथ ही ओपीटी आधारित डिलीवरी सिस्टम को अनिवार्य किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं का केवाईसी अपडेट नहीं है, वे जल्द से जल्द संबंधित गैस एजेंसी में जाकर अपेडट करा लें ताकि सिलेंडर रिफिलिंग में उपभोक्ता को कोई समस्या न हो।
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