रायपुर। धमतरी। समता साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य इकाई का प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह 27 जुलाई को शास.नत्थूजी जगताप न. पा. नि.उ. मा.विद्यालय धमतरी के सभागार में डाॅ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की सुनहरी यादें विनम्र काव्यांजली का आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध सूफी गायक सुरेश कुमार ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि डाॅ.ए.पी.जे.अब्दुल कलम को सारी दुनिया जानती है कोई उसे शिक्षक के रूप में तो कोई उसे मिसाइल मैन के रूप में जानते हैं वह अच्छे शिक्षक व बिना वादक भी थे। हम भारत रत्न को आज के इस भव्य कार्यक्रम में विनम्र काव्यांजलि के माध्यम से याद करते हैं जिसमें समता साहित्य अकादमी का महत्वपूर्ण योगदान है।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान तथा डाॅ.अब्दुल कलाम के चित्र पर फूल अर्पण कर किया गया, तत्पश्चात रिजवान अली अंजुम म्यूजिक ग्रुप के व्दारा संगीतांजली प्रस्तुति दी गई। कविता पाठ करते हुए श्रीमती सुशीला देवी वाल्मीकि, डाॅ.गोकुल बंजारे ‘‘चंदन’’, आलोक कुमार नारंग, स्वप्न कुमार बोस, डाॅ.रमेश कुमार सोनसायटी, बिशाल सिंह ध्रुवे, दुकालू यादव, मनीदास मानिकपुरी ने काव्यांजली दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ.श्रीमती सुनीता पन्द्रो ने अपने प्रबोधन में कहा कि डाॅ.अब्दुल कलाम एक वरिष्ठ वैज्ञानिक, राॅकेट इंजीनियर, पद्म विभूषण, भारत रत्न के अलावा प्रकृति प्रेमी, स्वप्न दृष्टा, कवि, लेखक, वीणा वादक भी थे। सुशीला देवी वाल्मीकि ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन मे बताया कि डाॅ.कलाम साहब धर्म निरपेक्षता के साकार रूप थे। वे समान उत्साह के साथ पवित्र कुरान, पवित्र बाइबिल और पवित्र भगवत गीता पढ़ते थे। वे अपने को शिक्षक कहलाने में ज्यादा गर्व महसूस करते थे। हम उनके पद चिन्हों चलने के लिए प्रेरित हो और उनके सपनों के विकसित भारत के निर्माण हेतु कार्य करें, यही उनकी समर्पित राष्ट्र सेवा के प्रति सच्ची श्रद्धांजली होगी।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता व साहित्यकार डाॅ.सुनीता पन्द्रो मुख्य अतिथि थी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सुप्रसिद्ध सूफी गायक सुरेश कुमार ठाकुर, जसगीत सम्राट दुकालू यादव, बेमेतरा के नेशनल अवार्डी कवि बिशाल सिंह ध्रुवे, कुरूद के समाज सेवी महेन्द्र दास मानिकपुरी विशिष्ट अतिथि थे। अकादमी की संरक्षक सुशीला देवी वाल्मीकि ने अध्यक्षता की, जबकि प्रांताध्यक्ष जी.आर.बंजारे ‘‘ज्वाला’’ ने कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया।
इस अवसर पर शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति व समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश के 40 विभूतियों हरीश साहू, अभिषेक कुमार टंडन, भगवती प्रसाद साहू, तेज कुमार नागवंशी, कु.कल्पना भोंसले, हेमलता साहू, धनेश्वरी निषाद, सूर्या ताम्रकार, एस.एल.निराला, डुमेश कुमार सोनी, कुंवर दास डहरिया, संतोष ठाकुर, हेमलाल पटेल, हिरेन्द्र देवांगन, चन्द्रशेखर भास्कर, रवि मानिकपुरी, कुमार वर्मा आदि को अवार्ड 2025 राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में प्रेम सायमन, सैय्यद जफर अली हाशमी, प्रो.के.मुरारीदास, रवि खरे, सत्यवान यादव, मोहम्मद अय्युब खान, दुजराम कौशिक, मदन लहरे, ताज खान, ईराज दास मंहत, नागेन्द्र तिवारी, संतोष दास मानिकपुरी, मुन्ना गुप्ता, आकाश आहूजा सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन उपस्थित थें।
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