रायपुर :- प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की रोजगार ध्यान आकर्षण रैली को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया. युवाओं का आरोप है कि उन्हें जबरन बसों में ठूंस-ठूंसकर भरकर राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल भेजा गया. रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से हजारों युवा रायपुर पहुंचे थे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस मनमानी करती है. राजनीतिक पार्टियों के प्रदर्शन शहर में होने दिया जाता है, जबकि हमें बस में ठूंसकर नया रायपुर भेज दिया.
शिक्षक भर्ती न होने से युवा आक्रोशित :-
रैली में शामिल युवाओं ने कहा कि सरकार ने 57,000 शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. युवाओं ने आरोप लगाया कि पहले 57,000 भर्ती की बात कही गई, फिर यह संख्या घटकर 33,000, 16,000 और फिर 12,000 हो गई. अब सिर्फ 5,000 भर्ती की बात की जा रही है. प्रदर्शनकारियों ने शंका जताई कि कहीं यह संख्या घटते-घटते 500 न रह जाए.
पुलिस पर दोहरे रवैये का आरोप :-
बेरोजगार युवाओं ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करते हैं, तो पुलिस उनकी सुरक्षा में तैनात रहती है. लेकिन जब हम अपने हक की आवाज उठाने निकलते हैं तो हमें जबरन बसों में भरकर अलग-थलग कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि यदि नियम सबके लिए समान हैं तो दोनों दलों के प्रदर्शनकारियों को भी धरना स्थल पर भेजा जाना चाहिए.
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जल्द कार्रवाई की मांग :-
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द से जल्द शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न करने की अपील की है. साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
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