झारखंड में 24 घंटे पहले पहुंचे मानसून के बादलों ने मंगलवार को रांची समेत राज्य के 24 में से 15 जिलों में झमाझम बारिश की है. मानसूनी बारिश के अलावा पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की कई घटनाएं हुई हैं, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई है. जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों के लिए राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. रांची, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, चतरा, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा, देवघर, धनबाद, चाईबासा, गोड्डा, कोडरमा, सिमडेगा और दुमका जिलों में 23 जून तक हल्की से मध्यम गर्जना और बिजली गिरने की संभावना है.
वहीं छत्तीसगढ की बात करें तो दक्षिण पश्चिम मानसून आगे बढ़ते हुए मंगलवार को कर्नाटक के कुछ और भाग, आंध्र प्रदेश, पश्चिम मध्य और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के कुछ भाग और झारखंड, बिहार के कुछ भाग, हिमालयीन पश्चिम बंगाल के शेष भाग और सिक्किम में पहुंच गया है। कल इसके तेलंगाना में प्रवेश की संभावना है। मानसून की उत्तरी सीमा रत्नागिरी, रायचूर, कवाली, कनिंग, श्रीनिकेतन, दुमका है। मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में राज्य के दुमका जिले के मसनजोर में सबसे ज्यादा 73 मिमी बारिश दर्ज की गई है. बताया गया है कि इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के सभी जिलों के तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. 21 जून से 23 जून तक प्रदेश के सभी स्थानों पर मानसूनी बारिश की संभावना जताई गई है.
कहा जा रहा है कि अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण भारत के कुछ भाग, उड़ीसा के कुछ भाग, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के कुछ और भाग, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। एक द्रोणिका सिक्किम से दक्षिण झारखंड तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।









