नई दिल्ली :- देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचने वाले राज्यों में दूसरे नंबर पर आने वाला महाराष्ट्र अब एक बड़ा कदम उठा चुका है। राज्य सरकार ने एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी को मंजूरी दी है, जिसका मकसद है ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाएं और ‘रेंज की चिंता’ यानी चार्ज खत्म होने का डर पूरी तरह से खत्म हो जाए। इस दिशा में चार्जिंग स्टेशनों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस से बात करते हुए बताया कि सरकार का मकसद है पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक वाहनों को आम लोगों के लिए सुलभ बनाना।
अब 13 तरह की गाड़ियां पाएंगी सब्सिडी का फायदा :-
पुरानी नीति में सिर्फ 5 कैटेगरी की गाड़ियों को छूट मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 13 कर दिया गया है। अब दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया निजी वाहन, सरकारी बसें, चारपहिया मालवाहक गाड़ियों के साथ-साथ प्राइवेट बसें, ट्रक, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की गाड़ियां, ट्रेलर, डंपर ट्रक और कृषि ट्रेलर जैसी भारी व्यावसायिक गाड़ियां भी इस पॉलिसी के तहत सब्सिडी के दायरे में आ गई हैं।
सरकार ने EV नीति का बजट भी लगभग दोगुना कर दिया है। यह पहले 930 करोड़ रुपये था, अब इसे 1,995 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 2030 तक राज्य में जितनी नई गाड़ियां रजिस्टर्ड होंगी, उनमें से कम से कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हों, सरकार की यही कोशिश है।
टोल टैक्स में भारी छूट :-
ईवी खरीदने वालों के लिए राहत की बात ये है कि अब कुछ एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। इनमें मुंबई-पुणे यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतू), और मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इसके अलावा राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ईवी को 50 प्रतिशत तक टोल छूट मिलेगी, जिसे धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन से लेकर रोड टैक्स तक पूरी छूट :-
महाराष्ट्र में जो भी इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर होंगे, उन्हें रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और नवीनीकरण फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी। दोपहिया, तिपहिया, प्राइवेट चारपहिया, राज्य परिवहन की बसें और प्राइवेट बसों पर 10 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, ईवी मालवाहक तिपहिया, चारपहिया, भारी वाहन और इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर 15 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
हर 25 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना :-
नई नीति के तहत सरकार का लक्ष्य है कि हर 25 किलोमीटर पर एक ईवी चार्जिंग स्टेशन मौजूद हो। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग सुविधाएं शुरू करने की योजना है। सरकार का अनुमान है कि 60-70 प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग पॉइंट लगाए जा सकते हैं। साथ ही, हर नगर निगम को निर्देश दिया जाएगा कि वे अपने सालाना बजट का कम से कम 1 प्रतिशत हिस्सा ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करें। सरकार की प्राथमिकता: उत्पादन बढ़ाना और चार्जिंग नेटवर्क मजबूत करना राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करना और ईवी उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना। अगर जरूरत पड़ी तो हम आगे और सब्सिडी देने पर भी विचार कर सकते हैं।”
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