नारायण वर्मा, अमलेश्वर। आज के इस भाग दौड़ भरे जिंदगी में कोई किसी के लिए समय नहीं निकल पा रहा है वहां पर साहू समाज एक मिसाल कायम कर रहा है। निर्धन बेटियों का सामूहिक विवाह का आयोजन बड़े धूमधाम से कर रहा है साहू समाज का यह कार्य लगातार 22 वर्षों से चल रहा है जो दूसरे समाजों के लिए एक सशक्त प्रेरणा और उदाहरण है।
समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि यह कार्य लगातार 22 वर्षों से कर रहे हैं इसके अंतर्गत लगभग 1000 बेटियों का विवाह हो चुका है व्यर्थ के खर्चों और दिखाओ से आज समाज में जो निर्धन वर्ग के लोग हैं उनको अपनी बेटी की विवाह में काफी दिक्कतों और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है कई बार वह कर्ज में डूब जाते हैं जिसके गंभीर परिणाम भी निकालते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए साहू समाज ने आज से 22 साल पहले ही इसकी शुरुआत कर दी थी ताकि इस महंगाई के जमाने में कोई निर्धन बेटी के विवाह में बाधा न आए। उन्होंने बताया कि इसका सारा खर्चा समाज ही उठता है किसी प्रकार की कोई बाहरी आर्थिक सहायता नही है।
उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में साहू समाज के अलावा पिछड़ा वर्ग भी शामिल हो सकता है सामूहिक विवाह का मुख्य उद्देश्य व्यर्थ के खर्च से बचाव सामाजिक एकता का संकल्प ही मुख्य उद्देश्य है।
अमलेश्वरडिही में लगभग 7 एकड़ में मंडप बनकर तैयार हो रहा है जिसमें अलग-अलग मंडप बनाए जाएंगे।अलग-अलग पंडित बैठेंगे और हिंदू रीति रिवाज से मंत्र उच्चारण के साथ इनका विवाह संपन्न होगा। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ जन के अलावा छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण और पूर्व मंत्रियों की शामिल होने की संभावना है।
समाज के वरिष्ठ जनों ने बताया कि तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है 19 और 20 अप्रैल को यहां भव्य आयोजन होगा इसके लिए समाज ने अलग-अलग टीम कार्यकर्ताओं की तैयार कर रखी है जो अपने काम को सुचारू रूप से अंजाम दे रहे है ताकि सामूहिक विवाह में आने वाले भाई, बहनों, बेटियों, बड़े बुजूगो को इधर-उधर भटकना न पड़े और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो। छत्तीसगढ़ और दूसरे प्रदेश से आने वालों के लिए भी भवनों का व्यापक इंतजाम किया गया है।
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