रायपुर :- कोलकाता मामले को लेकर पूरे देश के जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार जारी है। वहीं हड़ताल की वजह से ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बिगड़ने लगी है। इलाज के लिए मरीजों की लाइनें लग रही है तो वहीं परिजन भी परेशान हो रहे हैं। ऐसे में सिविल अस्पतालों में OPD बंद रहेगी। जिस वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बताया गया कि, कोलकाता में हुई घटना के विरोध में गैर-आपातकालीन सेवाओं को बंद रखने की घोषणा गई है। वहीं बताया गया कि, इमरजेंसी छोड़कर सभी सेवाएं 36 घंटे के लिए बंद रहेगी।
इसी के साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आवाहन में छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों ने भी 24 घंटे की हड़ताल करने की घोषणा की है। इसके पहले कल यानी शुक्रवार को एम्स के डॉक्टरों ने हड़ताल किया। डॉक्टरों के हड़ताल में रहने के कारण ओपीडी प्रभावित हुई। फैकल्टी एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि, हम भी पूरे देश के अपने सहयोगियों के साथ एकजुटता में खड़े हैं। इस जघन्य कृत्य की निंदा करते हैं। अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि त्वरित कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करें और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
वहीं डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से बाहर से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को परेशानी हुई। उन्हें बिना इलाज करवाए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रही जहां पर डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। देशभर में हो रहे विरोध को लेकर बलरामपुर के वाड्रफनगर में भी सिविल अस्पताल में OPD सेवा बंद रही। वहीं डॉक्टर अस्पताल परिसर में पुलिस सहायता केन्द्र व सुरक्षा व्यवस्था खोलने की मांग कर रहे हैं,जिसके संबंध में डॉक्टरों ने SDM को ज्ञापन सौंप कर सूचना दी है।
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