नई दिल्ली :- सिंदूर को सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन, वास्तु शास्त्र में भी सिंदूर से संबंधित कई नियम और मान्यताएं हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है। अगर इन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता, तो इससे जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।
जानिए क्या है सिंदूर के जुड़े वास्तु नियम :-
आजकल कई महिलाएं फैशन की दौड़ में खुद को आगे दिखाने के लिए एक दूसरे की देखा-देखी अपने बालों में सिंदूर तो लगाती हैं लेकिन अपने बालों से उस सिंदूर को छिपा लेती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि मांग में सिंदूर छिपा लेने वाली स्त्री के पति के समाज में मान-सम्मान को हानि पहुंचती है।
- 1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी शादीशुदा स्त्री को किसी दूसरी महिला के सिंदूर को अपनी मांग में नहीं भरना चाहिए क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि, इससे महिला के पति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- 2. कहते है, सिंदूर को हमेशा दाहिने हाथ से ही लगाना चाहिए। बाएं हाथ से सिंदूर लगाने को अशुभ माना जाता है और इससे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है।
- 3. कई बार महिलाएं नहाने और बाल धोने के तुरंत बाद अपने बालों में सिंदूर भर लेती हैं जो कि ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से बिल्कुल भी सही नहीं है। इससे आपके दांपत्य जीवन की सुख-शांति पर बहुत गलत असर पड़ सकता है। इसलिए सुहागिनों को नहाने और बाल धोने के कुछ समय बाद ही सिंदूर लगाना चाहिए।
- 4. सिंदूर को टूटे हुए या फटे डिब्बे में नहीं रखना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है और इससे परिवार के सदस्यों के बीच अनबन हो सकती है। हमेशा ध्यान रखें कि सिंदूर का डिब्बा साफ और अच्छी स्थिति में हो।
- 5. सिंदूर का डिब्बा हमेशा बंद रखना चाहिए। खुला सिंदूर रखना वास्तु के अनुसार अशुभ होता है और इससे घर में दरिद्रता आ सकती है। इसे हमेशा ढक्कन बंद करके रखें।
- 6. यदि सिंदूर गलती से गिर जाता है, तो इसे तुरंत साफ कर लें और उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर दें। गिरे हुए सिंदूर को अपशगुन माना जाता है और इससे दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है।
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