बलौदाबाजार :- स्पंज आयरन प्लांट के विरुद्ध दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बिना जगह का मुआयना किए अनुमति दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की. इसके साथ ही राज्य सरकार के साथ पर्यावरण विभाग और स्पंज आयरन प्लांट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी.
बता दें कि जिला मुख्यालय बलौदाबाजार से महज 8 किमी की दूरी पर ग्राम खजूरी में विगत कई वर्षों से अनिमेष पॉवर प्लांट का संचालन किया जा रहा है, उसी स्थान पर और जमीन खरीदकर स्पंज आयरन प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसका ग्रामीणों द्वारा 6-7 वर्षों से लगातार विरोध किया जा रहा था. सरकार एवं प्रशासन द्वारा कोई ध्यान न देने पर दिलीप कुमार पांडेय एवं अन्य ग्रामीणों के द्वारा जनहित याचिका वकील के माध्यम से लगाई गई थी. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं रविन्द्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने की. वकील ने दलील देते हुए कहा कि नदी नाले जंगल एवं रिहायशी इलाकों के समीप इस तरह के किसी भी उद्योग को लगाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है, जिससे पर्यावरण के साथ जल आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा.
मुख्य न्यायाधीश ने अनुविभागीय अधिकारी के वकील से पूछा कि बिना जगह का मुआयना किए उक्त भूमि का औद्योगिक डायवर्सन किस आधार पर किया गया. कोर्ट ने कहा कि बिना जनसुनवाई, बिना जगह देखे, ग्रामीणों के इतने विरोध के बावजूद प्लांट लगाने की अनुमति कैसे दी गई. मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य शासन पर्यावरण बोर्ड और प्रशासन से इसके संबंध में जवाब मांगा है.
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