बिलासपुर :- अभी रेलवे का फोकस अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों को पूरा कराने में हैं। यह तभी संभव है, जब ट्रेनों काे रद किया जाए। यात्रियों को होने वाली परेशानी का रेल प्रशासन समझ भी रहा है। लेकिन, बेहतर व समय पर ट्रेनों का परिचालन के लिए ऐसा करना जरुरी है। आटो सिग्नलिंग तो ऐसा कार्य है कि इससे सेक्शन की क्षमता बढ़ जाती है। एक साथ तीन ट्रेनें चलाई जा सकती है। लगभग कार्य पूरा भी हो गया है।
- ~18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस.
- ~ 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस.
- ~ 12070 गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस.
- ~ 12069 रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी एक्सप्रेस.
- ~ 18252 कोरबा- रायपुर, हसदेव एक्सप्रेस.
- ~ 08737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू स्पेशल.
- ~ 08738 बिलासपुर- रायगढ़ मेमू स्पेशल.
- ~ 08735 रायगढ़- बिलासपुर मेमू स्पेशल.
- ~ 08736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू स्पेशल.
- ~ 08732 बिलासपुर-कोरबा मेमू स्पेशल.
- ~ 08731 कोरबा-बिलासपुर मेमू स्पेशल.
- ~ 08280 रायपुर-कोरबा पैसेंजर स्पेशल.
- ~ 08279 कोरबा-रायपुर पैसेंजर स्पेशल.
- ~ 08210 बिलासपुर-कोरबा पैसेंजर स्पेशल.
- ~ 08861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू स्पेशल.
- ~ 08862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू स्पेशल.
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