गरियाबंद: रेत निकासी के प्रतिबंध के बावजूद बीते 20 दिनों से जोरदार रेत का अवैध तरीके से निकासी किया जा रहा है और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे दिखाई पड़ रहे है जानकारी के मुताबिक देवभौग ब्लॉक के करलागुड़ा रेत घाट से 15 और कुमड़ाई से 10 पुरनापानी से 10 एवम् भतराबहेलि 20 सहित अन्य रेत घाट से 150 से अधिक ट्रीप रेत का निकासी रोजना किया जा रहा है फिर भी कोई कार्यवाही अब तक देखने को नही मिल रहा है जबकि रेत की अवैध निकासी रोकने के लिए खनिज इंस्फेक्टर एसडीएम तहसीलदार सहित तमाम अधिकारी मुस्तैद होने का दावा करते हैं लेकिन जमीनी अवैध रेत निकासी देख अधिकारियों की दावा पूरी तरह खोखली नज़र आती है जबकि अवैध रेत निकासी से सरकार को आय दिन 1 लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है इसके अलावा भंडारण लिए रेत का खरीदी नही होने अलग से भी नुकसान हो रहा है क्योंकि 1500 मीटर क्यूब का भंडार लिया गया है जिसमे से अबतक मात्र 200 क्यूब मीटर का रेत ही बेचा गया है मतलब सरकार को 200 क्यूब मीटर का रॉयल्टी ही बमुश्किल मिल पाया है और बचत रेत का रॉयल्टी निकलना नामुमकिन दिखाई दे रहा है क्योंकि वर्तमान में पुरनापानी भतराबहेलि करलागुड़ा से ताबड़तोड़ रेत निकासी किया जा रहा है जिससे ना स्थानीय अधिकारी सरोकार रखते हैं और जिला मे बैठे खनिज अधिकारी कोई कार्यवाही करते हैं जबकि ऐसे घाट से रेत का दोहन से होने वाले नुकसान को लेकर अधिकारी अच्छी तरह अवगत हैं साथ ही गांव गांव के सड़को को बुरा हाल होने के के अलावा दुर्घटनाओं से भी वाकिफ है फिर भी अधिकारियों द्वारा कार्यवाही में लचीला रुख अख्तियार करना समझ से परे है जिसे लेकर विभागीय मंत्री और सांसद से शिकायत दर्ज कराने की बात कही जा रही है
जगह जगह सैकडो ट्रीप रेत का डंप _: रेत निकासी पर प्रतिबंध के बाद गांव के रेत माफिया सक्रिय होकर गांव गांव में 500 ट्रीप टैक्टर से डंप किए हैं जिससे खनिज विभाग के अधिकारी भी अवगत हैं ग्रामीणों की माने तो मुख्यालय और भतराबहेली एवम् अमाड नवागांव खोकसरा में सबसे अधिक रेत डंप है फिर भी अधिकारी इन जगहों में पहुंचकर कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जूठा पा रही हैं जिसे देख सांठ गांठ का आरोप भी लगाया जाता है मतलब 5 महीना मे एक से दो बार पहुंचकर खनिज अधिकारियों द्वारा कार्यवाही किया जाए तो बहुत बड़ी बात होगी शायद यही वजह है कि खनिज विभाग के सुस्ती पर लगातार सवाल खड़ा किया जाता है क्योंकि अधिकतर इस विभाग के अधिकारी कार्यवाही के लिए तब खड़े होते हैं जब सेटिंग का खेल नही होने की चर्चा भी खूब है मतलब गांव गांव के रेत घाट से दोहन कर रेत माफिया और अधिकारी मालामाल हो रहे है और मालामाल के इस खेल में सरकार को लाखो की चपत हर माह लग रही है
सतीश के शिकायत पर कार्यवाही नही _: भण्डारस्वामी सतीश दौरा ने बीते 10 जून को एसडीएम के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराते कार्यवाही की मांग किया है सतीश अपने शिकायत पर बताया है कि कर्चिया निष्टीगुड़ा कुमड़ाईखुर्द पुरनापानी करलागुड़ा भतराबहली सहित अन्य रेत घाट से रोजाना से सैकडो ट्रीप टैक्टर से रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है ऐसे रेत की अवैध निकासी करने वाले वाहनों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग किया गया था लेकिन आज पर्यन्त तक सतीश दौरा के लिखित शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाया है जिसका लाभ उठाते रेत माफिया अब दिन रात अवैध रेत उत्खनन कर मालामाल हो रहे हैं जिसकी परवाह ना खनिज विभाग को है और ना स्थानीय अधिकारियों को जबकि इस अवैध रेत उत्खनन से सरकार को आर्थिक नुकसान उठाने को लेकर विभाग भली भांति अवगत हैं
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