World Asthma Day 2024: दुनियाभर में हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है। इस साल यह खास दिन 7 मई को मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच अस्थमा रोग के बारे में जागरूकता फैलाना है। दरअसल, अस्थमा सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। जो धूल, धुआं,हवा में मौजूद प्रदूषण जैसे कई कारणों की वजह से अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2022 के मुताबिक भारत में तीन करोड़ पचास लाख लोग अस्थमा से पीड़ित हैं। रिपोर्ट के अनुसार विश्व में अस्थमा के 10 फीसदी मामले भारत में ही हैं, इनमें से 15 फीसदी मामले बच्चों में ही हैं। विश्व अस्थमा दिवस के खास मौके पर आइए जानते हैं क्या है इस दिन की थीम और इतिहास।
विश्व अस्थमा दिवस का इतिहास-
ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा ने साल 1993 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से पहली बार अस्थमा दिवस को मनाने की शुरुआत की। इसके बाद साल 1998 में बार्सिलोना स्पेन में 35 से ज्यादा देशों में पहला विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया। समय के साथ भागीदारी बढ़ने पर, यह दिन दुनिया का सबसे जरूरी अस्थमा जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम बन गया है। जिसका उद्देश्य लोगों को श्वसन समस्या और अन्य एलर्जी रोगों को कंट्रोल करने के बारे में शिक्षित करना है।
विश्व अस्थमा दिवस का महत्व-
वर्ल्ड अस्थमा डे मई महीने के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को अस्थमा जैसी सांस से जुड़ी बीमारी के जोखिम को कम करने और इससे लड़ने के लिए बारे में जागरूक किया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य विश्व स्तर पर अस्थमा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पीड़ित लोगों को सही इलाज मिल सके, इसके प्रति जागरूकता लाना है।
विश्व अस्थमा दिवस 2024 की थीम-
हर साल विश्व अस्थमा दिवस के लिए एक नई थीम रखी जाती है। इस साल विश्व अस्थमा दिवस 2024 की थीम ‘अस्थमा शिक्षा सशक्तिकरण’ है। यह विषय अस्थमा से पीड़ित लोगों को शिक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
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