नई दिल्ली। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रवेश कर गई है। मणिपुर से शुरू हुई न्याय यात्रा का मुंबई में समापन होगा। लेकिन इस दौरान न्याय यात्रा और राहुल गांधी को लेकर बहुत सारे सवाल उठे। कुछ लोगों ने ऐसे समय में जब आम चुनाव नजदीक हो, राहुल गांधी को पार्टी के जीत-हार की रणनीति बनाने के बजाए यात्रा पर निकलने की आलोचना की है। लेकिन राहुल गांधी की न्याय यात्रा का जमीन पर असर दिखने लगा है। इस यात्रा का सबसे आधिक प्रभाव ओडिशा में देखने को मिल रहा है, जहां पर कांग्रेस से विधानसभा और लोकसभा टिकटों की मांग करने वालों की संख्या में गुणात्मक बदलाव आया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का ओडिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ता दिख रहा है। लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों के लिए कांग्रेस से टिकट चाहने वालों की संख्या 2019 की तुलना में बढ़ गई है।
कांग्रेस में टिकटों की भारी मांग हो रही है, हालांकि विपक्षी भाजपा और बीजद लगातार कांग्रेस को खारिज कर रहे हैं। अब तक 3,100 से अधिक उम्मीदवारों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के टिकट के लिए आवेदन किया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोरंजन दास ने मीडिया से कहा कि “जिस तरह से बीजेडी ने अपनी राज्यसभा सीट बीजेपी के लिए कुर्बान कर दी, उसका असर है। लोगों को एहसास हो गया है कि भाजपा और बीजद दोनों आपस में मिले हुए हैं। कांग्रेस बीजद और भाजपा के विकल्प के रूप में उभरी है।”
उन्होंने कहा, “राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का असर पड़ा। पार्टी के टिकटों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।”
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