रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज दूसरे दिन भी ED की कार्रवाई जारी है। महापौर एजाज ढेबर समेत शराब कारोबारियों के घर में दबिश दी गई है।
छत्तीसगढ़ में आज दूसरे दिन भी ED की कार्रवाई जारी है। रायपुर महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के घर में दबिश दी गई है। इधर एजाज ढेबर के समर्थक उनके घर के सामने पहुंचकर ED के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दुर्ग-भिलाई में अलग अलग लोगों के यहां 9 ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग में ED की टीम पहुंची है। रायपुर में शराब कारोबारी बलदेव सिंह भाटिया, भिलाई के होटल संचालक विनोद सिंह के यहां कार्रवाई जारी है। शराब के कारोबार से जुड़े कई अन्य लोगों के ठिकानों पर भी दबिश देकर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
ED के छापे के विरोध में महापौर के समर्थक उनके घर के बाहर पहुंचकर कर रहे विरोध प्रदर्शन।
अनवर ढेबर के घर के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं।
दुर्ग-भिलाई में 9 से अधिक ठिकानों पर छापा
दुर्ग और भिलाई में सुबह से ED की टीम 9 से अधिक लोगों के घरों और ऑफिस में दबिश दी है। जिन जगहों में ED की टीम पहुंची हैं, उनमें शराब एवं कोयला कारोबारी से लेकर अधिकारी और नेता शामिल हैं। बताया जा रहा है कि, शराब कारोबारी विनोद बिहारी, एन राव, विजय भाटिया, कांग्रेस नेता क्षितिज चंद्राकर, कोयला कारोबारी एपी त्रिपाठी समेत अन्य लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।
दुर्ग-भिलाई में अलग-अलग ठिकानों पर ED की टीम की सुरक्षा के लिए CRPF के जवान तैनात हैं।
मंगलवार से जारी है ED की कार्रवाई
मंगलवार को ईडी ने जमीन कारोबारी सुरेश बांदे, सीए प्रतीक जैन और कांग्रेस से जुड़े नेताओं के ठिकानों पर पहुंची थी। रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ में इनसे संबंधित निवास और व्यवसायिक परिसर में CRPF की टीम जांच अधिकारियों को सुरक्षा देते हुए दिखाई दी थी। हालांकि ईडी ने दोनों ही दिनों की कार्रवाई को लेकर अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा था- बीजेपी नेताओं के इशारे पर पड़ रहे छापे
मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था, कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा जहां छापा न डाला गया हो। अगर कहीं छापे की कार्रवाई नहीं होती तो केवल मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और कर्नाटक जैसे बीजेपी शासित राज्यों में, ऐसा लगता है कि यहां ED का दफ्तर ही नहीं है। महाराष्ट्र में जब तक उद्धव सरकार थी तब तक ED और CBI जैसी सेंट्रल एजेंसियां शक्रिय थी, और जैसे ही सरकार बदली खरीद-फरोख्त हुआ, उसके बाद से ED की कार्रवाई बंद हो गई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED की रेड के लिए बीजेपी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा जहां छापा नहीं डाला गया हो।
भूपेश बघेल ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेता और राष्ट्रीय नेताओं के इशारे पर ये सब किया जा रहा है। ED को निष्पक्ष होनी चाहिए। अडानी की संपत्ति में 60 फीसदी की कमी आ गई। लेकिन वहां ED क्यों छापे नहीं मारती है
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