हल्दी का इस्तेमाल केवल मसालों के तौर पर नहीं किया जाता बल्कि ये आयुर्वेदिक औषधि है। जिसे खाने से काफी सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। केवल पीली हल्दी ही नहीं काली हल्दी भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। नीले रंग की इस हल्दी को काली हल्दी के नाम से जाना जाता है। ये हल्दी भारत के कुछ हिस्सों में उगाई जाती है और इसका इस्तेमाल दवा के तौर पर किया जाता है। इस हल्दी के बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है। अदरक फैमिली की इस हल्दी के ढेर सारे औषधीय गुण हैं।
दर्द कम करने में मदद
काली हल्दी को एक अच्छा पेन किलर माना जा सकता है। दांत दर्द से लेकर सिर में होने वाले माइग्रेन के दर्द में ये बहुत आराम पहुंचाती है। बहुत थोड़ी मात्रा में इस हल्दी को लेने से ऑस्टियोऑर्थराइटिस से लेकर पेट के दर्द, गैस और रैशेज जैसी समस्या में भी आराम मिलता है। ताजी हल्दी का पेस्ट बनाकर सिर पर लगाने से सिर दर्द में राहत मिलती है।
पेट की समस्याओं से आराम
काली हल्दी को लेने से डाइजेशन सही होता है। लीवर में होने वाली समस्याओं को सही करने के साथ ही ये बाइल मूवमेंट को सही करता है। थोड़ी सी मात्रा में काली हल्दी को पानी के साथ लेने से पेट की समस्याओं में राहत मिलती है।
डायबिटीज में भी देती है फायदा
काली हल्दी को अगर थोड़ी मात्रा में लिया जाए तो ये ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन करती है। साथ ही इंसुलिन के बॉडी में ज्यादा बनने के रिस्क को भी कम करती है।
फेफड़ों के लिए है वरदान
फेफड़ों में होने वाली बीमारियां जैसे ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, अस्थमा में काली हल्दी को खाना फायेदमंद है। ये फेफड़ों को हेल्दी रखती है और बीमारियां दूर करती है।
स्किन के लिए सही
स्किन पर रैशेज होते हैं और स्किन पर दाने, सूजन रहती है तो काली हल्दी का पेस्ट लगाने से फायदा होता है। इसमे मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण स्किन की खुजलाहट को सही करते हैं।
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