दुर्ग। साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों की जांच के बाद पुलिस ने 6 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। आरोप है कि इन लोगों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अन्य लोगों को उपलब्ध कराए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि संबंधित बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि का लाखों रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन किया गया। थाना सुपेला पुलिस और एसीसीयू की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने थाना सुपेला क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 679/2026 की जांच के दौरान बैंक खातों की गतिविधियों की जांच की। जांच में पाया गया कि कुछ खाताधारकों ने अपने बैंकिंग दस्तावेज और खाते आर्थिक लाभ के बदले अन्य लोगों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने बैंक खाते करीब 2 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक के कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ के बदले उपलब्ध कराए थे। इन खातों से साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे भेजने का काम किया गया। बैंक लेनदेन की जांच में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
पुलिस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें दिनेश सोना (22 वर्ष), निवासी इस्लाम नगर सुपेला, हेमंत कुमार मिश्रा (37 वर्ष), निवासी शंकर पारा सुपेला, मोहम्मद आरिफ (30 वर्ष), निवासी टंकी मरौदा, वीरेंद्र विश्वकर्मा (34 वर्ष), निवासी चरौदा, अखिलेश गुप्ता (55 वर्ष), निवासी सुपेला और रीना देवी, निवासी शारदा पारा छावनी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।







