दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध सूदखोरी और प्रताड़ना का मामला सामने आया है, जहां वैशालीनगर पुलिस ने ब्याज के नाम पर कथित तौर पर लोगों से अतिरिक्त रकम वसूलने और धमकी देने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 3.80 लाख रुपये नगद, लेन-देन की डायरी, ब्लैंक चेक और हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर जब्त किए हैं।
दरअसल, वैशालीनगर निवासी पूनम मनोज कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने वर्ष 2024 में 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। शिकायत के मुताबिक, सुरक्षा के नाम पर उनसे ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर रखवाए गए थे। प्रार्थिया का आरोप है कि वह 72,500 रुपये ब्याज चुका चुकी थीं, इसके बावजूद उनसे 1.50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। रकम नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी।
सहेली से भी अधिक रकम वसूलने और प्रताड़ित करने का आरोप
शिकायत में यह भी बताया गया कि प्रार्थिया की सहेली ने एक लाख रुपये लिए थे, जिसके बदले उससे 1.40 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद भी उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।
शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वैशालीनगर पुलिस ने बीएनएस और कर्जा एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने कोहका निवासी बबली साहू उर्फ बबली निरंजन और श्रमिक नगर निवासी ज्योति निरंजन को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और तलाशी के दौरान 3,79,900 रुपये नगद, लेन-देन से संबंधित डायरी, ब्लैंक चेक और हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी बबली साहू के खिलाफ सुपेला थाने में पहले भी कर्जा एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
पुलिस की आमजन से अपील
दुर्ग पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से ब्याज वसूलता है या कर्ज की रकम को लेकर धमकी देता है, तो इसकी शिकायत तत्काल पुलिस से करें, ताकि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई की जा सके।





