दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस, आबकारी विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 34 हजार बल्क लीटर अनुपयोगी शराब को नष्ट किया है। यह शराब जिले के 11 अलग-अलग थानों में वर्ष 2011 से पहले दर्ज 294 आबकारी प्रकरणों में जब्त की गई थी। लंबे समय से सुरक्षित रखी गई यह शराब अब मानव उपभोग के योग्य नहीं रह गई थी। न्यायालय और कलेक्टर के आदेश के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका विधिवत नष्टीकरण किया गया। पूरी कार्रवाई सुपेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत निर्धारित स्थल पर अधिकारियों और मदिरा नष्टीकरण टीम की मौजूदगी में संपन्न हुई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के 11 थानों में वर्ष 2011 से पहले आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज विभिन्न मामलों में बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई थी। इन प्रकरणों से संबंधित जब्त शराब को नियमानुसार सुरक्षित रखा गया था। लंबे समय तक रखे रहने के कारण यह शराब मानव उपभोग के योग्य नहीं रह गई थी। ऐसे में प्रशासन ने न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसका निपटारा करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के तहत कुल 294 आबकारी प्रकरणों में जब्त 33,920.145 बल्क लीटर शराब को नष्ट किया गया। यह मात्रा लगभग 34 हजार लीटर है।
जब्त शराब को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया न्यायालय और जिला कलेक्टर के आदेश के अनुसार संपन्न कराई गई। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया था। प्रशासन के अनुसार, शराब के नष्टीकरण से पहले निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया। पर्यावरण विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद मदिरा नष्टीकरण टीम की मौजूदगी में शराब नष्ट की गई। इस दौरान पुलिस, आबकारी विभाग और राजस्व प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई को नियमानुसार संपन्न कराया गया।
दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र में निर्धारित स्थल पर शराब नष्टीकरण की कार्रवाई आयोजित की गई। यहां अलग-अलग थानों से संबंधित आबकारी मामलों में जब्त शराब का निपटारा किया गया। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2011 से पहले के लंबित आबकारी प्रकरणों से संबंधित जब्त शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से रखी अनुपयोगी शराब का नियमानुसार निपटान करना था। इसके साथ ही जब्त शराब के अनधिकृत इस्तेमाल की आशंका को समाप्त करना भी इस कार्रवाई के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहा।
शराब नष्टीकरण की कार्रवाई में आबकारी विभाग की एडीओ सुप्रिया शर्मा, भिलाई नगर के एसडीएम, नगर पुलिस अधीक्षक निशान पाठक और एसडीएम उत्तम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे। पुलिस, राजस्व और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत शराब नष्ट करने की कार्रवाई पूरी कराई। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि जब्त सामग्री का निपटारा संबंधित आदेशों और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह शराब वर्ष 2011 से पहले दर्ज आबकारी प्रकरणों में जब्त की गई थी। लंबे समय से रखी होने के कारण शराब अनुपयोगी हो चुकी थी। ऐसे पुराने मामलों में जब्त सामग्री का निपटारा न्यायालयीन आदेशों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। इससे जब्त सामग्री के सुरक्षित रखरखाव और अनधिकृत उपयोग से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है। दुर्ग जिले में 294 मामलों से संबंधित शराब का एक साथ नष्टीकरण किया जाना प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कार्रवाई है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अवैध शराब से संबंधित गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन सुनिश्चित करना और नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। भविष्य में भी अवैध शराब से संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।





