गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के पांच अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए अलग-अलग अनुविभागों में पदस्थ किया गया है। देवभोग, राजिम, छुरा और मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) के पदों पर बदलाव हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिले में पदस्थ संयुक्त कलेक्टर टीआर महेश्वरी को नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें जिला मुख्यालय से स्थानांतरित कर देवभोग का अनुविभागीय अधिकारी बनाया गया है। अब वे देवभोग क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, राजिम में अनुविभागीय अधिकारी के रूप में पदस्थ विशाल महाराणा को संयुक्त कलेक्टर के पद पर जिला कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद में पदस्थ किया गया है। अब वे जिला मुख्यालय में अपनी सेवाएं देंगे।
संयुक्त कलेक्टर अवंति गुप्ता को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें जिला गरियाबंद से अनुविभागीय अधिकारी छुरा के पद पर पदस्थ किया गया है। इस बदलाव के बाद छुरा क्षेत्र की प्रशासनिक जिम्मेदारी अब उनके पास होगी। इसके अलावा मैनपुर में अनुविभागीय अधिकारी के रूप में कार्यरत डिप्टी कलेक्टर नेता भेड़िया को राजिम का नया अनुविभागीय अधिकारी बनाया गया है। वे अब राजिम अनुविभाग में राजस्व और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
जिला कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर लोकांश को मैनपुर का अनुविभागीय अधिकारी बनाया गया है। वे मैनपुर क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे। इस बदलाव के साथ मैनपुर में भी एसडीएम स्तर पर नई पदस्थापना की गई है।
इस फेरबदल के तहत जिले के विभिन्न अनुविभागों में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन, जनसमस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिले में हुए इस प्रशासनिक बदलाव के बाद देवभोग, राजिम, छुरा और मैनपुर में नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रूप से संचालित करने और आम जनता से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण करने की जिम्मेदारी इन अधिकारियों पर रहेगी।





