अमलेश्वर। उदयपुर। सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में उदयपुर स्थित क्षेत्रीय केंद्र में 7 से 16 अक्टूबर तक आयोजित 10-दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत कला-एकीकृत शिक्षा (Art-Integrated Learning) और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पर केंद्रित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षकों एवं प्रतिनिधियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया।
समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में मिली सफलता
राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के उच्च अधिकारियों के कुशल निर्देशन एवं प्रेरणा से राज्य के प्रतिभागी शिक्षकों ने इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में भाग लिया। कार्यक्रम की सफलता और उत्कृष्ट समन्वय में निम्नलिखित अधिकारियों का विशेष योगदान रहा:
श्रीमती किरण कौशल (आयुक्त, राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़)
श्री दिनेश कौशिक उप संचालक)
श्रीमती मंजूलता साहू (सहायक संचालक)
श्रीमती राखी सिन्हा (सहायक कार्यक्रम समन्वयक)
अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन के कारण ही छत्तीसगढ़ दल ने प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाई।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और शिल्प कला का शानदार प्रदर्शन
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान छत्तीसगढ़ से आए संभागी शिक्षकों ने राज्य की समृद्ध लोक कला, जनजातीय विरासत एवं सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यशाला में आयोजित ‘राज्य सांस्कृतिक प्रस्तुति’ में छत्तीसगढ़ के दल द्वारा प्रस्तुत गौरी गौरा, पंथी नृत्य, सुआ नृत्य, करमा,बिहाव गीत, एवं राउत नाचा, रेला गीत,तथा देवी गीत की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों और विशेषज्ञों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके साथ ही, बस्तर की प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प (Metal Craft), माटी कला और लोक हस्तशिल्प को कक्षा-शिक्षण में शिक्षण सहायक सामग्री (TLM) के रूप में जोड़ने के नवोन्मेषी विचारों को प्रदर्शित किया गया।
उत्कृष्ट शैक्षणिक मॉडल और पाठ योजनाओं की हुई सराहना
प्रशिक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए कठपुतली (Puppetry) मॉडल, लोक-कथा आधारित टीएलएम और कला-एकीकृत पाठ योजनाओं (Lesson Plans) की CCRT के विषय-विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने जमकर तारीफ की। छत्तीसगढ़ टीम ने व्यावहारिक रूप से दिखाया कि कैसे स्थानीय कला और संस्कृति का प्रयोग कर गणित, विज्ञान और पर्यावरण जैसे कठिन विषयों को विद्यार्थियों के लिए बेहद रोचक और आसान बनाया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ से संभागी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता
राष्ट्रीय स्तर की इस 10-दिवसीय गरिमामय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए निम्नलिखित शिक्षको ने अत्यंत सक्रिय, अनुशासित एवं उत्कृष्ट सहभागिता निभाई:
स्मृति दुबे,गौसिया नसरीन, गुणसागर प्रधान,सूर्योदय सिंह,प्रतीक कुमार भगोरिया,कविता साहू नेमलाल गंगेले,अनीता ठाकुर, गोविंद सिंह नागवंशी, ईश्वरी कुमार सिन्हा कीर्ति साहू, कुमारी साहू,प्रमोद कुमार ध्रुव राजेश्वरी पटेल,स्कंद शेष ।
समापन समारोह में मिला सम्मान, शिक्षकों ने लिया संकल्प
16 अक्टूबर को आयोजित समापन सह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में CCRT अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ दल के अनुशासित व्यवहार, उत्कृष्ट प्रोजेक्ट वर्क और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए पूरी टीम को सम्मानित किया।
प्रशिक्षण से लौटे शिक्षकों ने यह संकल्प व्यक्त किया कि वे राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस 10-दिवसीय प्रशिक्षण में सीखी गई कला-एकीकृत शिक्षण पद्धतियों को अपने-अपने जिलों के विद्यालयों में लागू करेंगे, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।





