अमलेश्वर। दुर्ग। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) दुर्ग की अदालत ने 65 वर्षीय महिला के घर में जबरन घुसकर उसके साथ बलात्कार और मारपीट करने के मामले में आरोपी बृजगोपाल यादव को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। मामले में आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 332(बी) के तहत सात वर्ष के कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अभियोजन के अनुसार 2 फरवरी 2025 की रात करीब 2 से 2:30 बजे पीड़िता अपने घर में सो रही थी। इसी दौरान दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर उसने दरवाजा खोला। बाहर खड़े व्यक्ति ने दरवाजा धकेलकर जबरन घर में प्रवेश किया और पीड़िता के साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने खुद को छुड़ाकर लाइट जलाई तो आरोपी की पहचान गांव के बृजगोपाल यादव के रूप में हुई।
पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी मौके से भाग गया। घटना के बाद उसने पड़ोस में रहने वाली महिला को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 3 फरवरी 2025 को थाना धमधा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और आरोपी को गिरफ्तार किया। विवेचना पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। न्यायालय ने घटना को गंभीर और जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से अकेले रहने वाली महिलाओं में भय उत्पन्न होता है। पीड़िता को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्णय की प्रति भेजने की अनुशंसा की गई है।





