सारंगढ़। साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली सारंगढ़ पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक बैंक खाते के माध्यम से करीब एक साल में 2.71 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन कराया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन लेन-देन के बदले कमीशन लेते थे। मामले में तकनीकी जांच और साइबर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपियों को दुर्ग से पकड़ा है।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया गया। जांच में करीब 2 हजार मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। मोबाइल नंबर, बैंकिंग गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके बाद टीम ने दुर्ग पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर काम कर रहे थे। आरोपी मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड करवाते थे, जिसके बाद सर्वर के माध्यम से बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन कराया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के मामलों में साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से APK फाइल डाउनलोड करवाकर उनके मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक बैंक खाते में करीब एक साल के दौरान 2.71 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ। इस बैंक खाते से देशभर में साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों की जांच की गई, जिसमें 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस अब इन सभी मामलों और संबंधित लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक वर्ना कार, 5 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त किए गए मोबाइल और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और साइबर नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता है और इसके बदले खाताधारकों या सहयोगियों को कमीशन दिया जाता है। सारंगढ़ पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।







