रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के शिकार और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मोहला वनमंडल के दक्षिण मानपुर क्षेत्र में सांभर के शिकार के मामले में वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सांभर का पका हुआ मांस बरामद होने की बात सामने आई है।
वन विभाग की कार्रवाई वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों के बाद वन्यजीव अपराधों पर सख्ती के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में राजनांदगांव जेल भेज दिया गया।
गुप्त सूचना पर वन विभाग ने की छापेमारी
वनमंडलाधिकारी दिनेश कुमार पटेल के अनुसार, 6 अगस्त की शाम वन विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत बागडोगरी के रेंगाटोला गांव में कुछ लोग सांभर का मांस पका रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण मानपुर के परिक्षेत्र अधिकारी और मानपुर के उपवनमंडलाधिकारी ने सर्च वारंट के साथ तत्काल कार्रवाई की।
वन विभाग की टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर छापेमारी की। तलाशी के दौरान मौके से पका हुआ मांस बरामद किया गया।
पूछताछ में शिकार की बात सामने आई
वन विभाग के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि खेत में फंसे सांभर के एक बच्चे को कुल्हाड़ी से मार दिया गया था।
इसके बाद उसके मांस को पकाया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
वन विभाग की कार्रवाई में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:
- काजूराम, पिता मसरूराम
- रघुराम, पिता मनीराम
- राहुल, पिता सुकलु
तीनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) न्यायालय, अंबागढ़ चौकी में पेश किया गया।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपियों को राजनांदगांव जेल भेज दिया गया।
वन विभाग अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। शिकार में इस्तेमाल किए गए हथियार और वन्यजीव अपराध से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
वन्यजीव अपराध पर विभाग की सख्ती
वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जंगल और वन्यजीव क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, वन्यजीवों का संरक्षण विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है और शिकार जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
मंत्री केदार कश्यप ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
वन मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिकारियों और वन्यजीव अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण जरूरी है। ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई से वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
सांभर शिकार के इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वन विभाग की कार्रवाई से यह साफ है कि वन्यजीव अपराधों को लेकर विभाग सतर्क है।
अब मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं। वन विभाग की टीम क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार और अवैध गतिविधियों पर निगरानी जारी रखेगी।








