अमलेश्वर। शिक्षा, साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली शासकीय प्राथमिक शाला, कोण्डागांव की शिक्षिका दीपमाला वैष्णव को ‘राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा में नवाचार, उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों, साहित्य सृजन तथा सामाजिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।रायपुर के विमतरा भवन, शांतिनगर में आयोजित समारोह में स्वर्गीय हरिवंश मिश्र की स्मृति में उनके पुत्र द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु द्विवेदी, प्रधान संपादक हरिभूमि थे, जबकि अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षाविद् संजय अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. चितरंजन दास एवं राष्ट्रपति सम्मानित शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि भारत की गौरवशाली परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के चरित्र, संस्कृति और सभ्यता का भी निर्माण करता है। सम्मान प्राप्त करने के बाद दीपमाला वैष्णव ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उनके विद्यालय, सहकर्मी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और उन सभी सहयोगियों का सम्मान है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों का विकास करना उनकी प्राथमिकता रही है।
इसके साथ ही श्रीमती दीपमाला वैष्णव को वैदिक प्रकाशन द्वारा उनकी पुस्तक “आरोग्य योग : स्वस्थ जीवन की कुंजी” के संकलन एवं साहित्यिक योगदान के लिए “वैदिक साहित्य दिवाकर सम्मान” तथा उत्कृष्ट लेखिका सम्मान से भी अलंकृत किया गया। यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना स्वरूप प्रदान किया गया। गौरतलब है कि श्रीमती वैष्णव, भागवताचार्य पं. चेला दास वैष्णव (ग्राम फेकारी, पाटन, जिला दुर्ग) की सुपुत्री हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के वैष्णव समाज में वे ऐसी पहली शिक्षिका हैं, जिन्हें शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में सर्वाधिक सम्मान प्राप्त हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर समाज एवं परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।






