रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामले में आरोपी एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को मामले की जांच के लिए अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष अदालत ने रामगोपाल अग्रवाल की पुलिस रिमांड 22 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है, जिससे जांच एजेंसी को उनसे आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
अदालत ने EOW की मांग की मंजूर
शुक्रवार को रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया गया। इस दौरान EOW ने पांच दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग करते हुए अदालत को बताया कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ बाकी है और जांच जारी है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जांच एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए 22 जुलाई तक पुलिस रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष ने दी जानकारी
रामगोपाल अग्रवाल के अधिवक्ता फैसल रिजवी ने बताया कि अदालत ने EOW की ओर से मांगी गई अतिरिक्त रिमांड को मंजूरी दे दी है। अब जांच एजेंसी 22 जुलाई तक उनसे पूछताछ कर सकेगी।
किन मामलों में चल रही है जांच?
रामगोपाल अग्रवाल का नाम राज्य के चर्चित आर्थिक मामलों में सामने आया है। जिन मामलों की जांच EOW कर रही है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- कोल लेवी (Coal Levy) मामला
- कस्टम मिलिंग से जुड़ा मामला
- बहुचर्चित शराब घोटाला
जांच एजेंसियां इन मामलों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
जांच पर रहेगी नजर
रिमांड अवधि बढ़ने के बाद EOW अब रामगोपाल अग्रवाल से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल अदालत के आदेश के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल 22 जुलाई 2026 तक EOW की पुलिस रिमांड में रहेंगे।




