अमृत सरोवर जल संरक्षण की दिशा में
महत्वपूर्ण उपलब्धि : नीलम चंद्राकर
अमलेश्वर। बड़े औरी के ग्रामीणों के चेहरे पर अब खुशियां नजर आ रही है उनका मन प्रफुल्लित है कि लगातार वर्षों के प्रयासों के बाद आज उनके गांव में आखिरकार तालाब का निर्माण हो ही गया। क्षेत्र के सांसद विजय बघेल के अथक प्रयासों से यह कार्य सफल हुआ है, जिसका नाम अमृत सरोवर रखा गया है। बड़े औरी तालाब के पास मंदिर का भी निर्माण किया गया है। जिसका विधिवत पूजन 12 जुलाई को 10 बजे किया जायेगा।
लगातार वर्षों से बड़े औरी ग्राम के निवासियों को निस्तारी पानी के लिए इधर उधर दूसरे गांवों में आश्रित रहना पड़ता था या आपसी सहयोग से कार्य चलाया जाता था। बड़े औरी के निवासियों के चेहरे पर यह चिंता साफ दिखाई पड़ती थी कि आखिरकार उन्हें कब तक निस्तारी कार्य के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। गांव के निवासियों के लगातार प्रयास स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के सांसद विजय बघेल के अथक प्रयासों ने अंततः आज बड़े औरी में लगभग 3 करोड़ लीटर जल संग्रहण क्षमता वाला यह अमृत सरोवर जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सभापति जिला पंचायत नीलम चंद्राकर ने बताया कि
आजादी के पहले से गाँव में तालाब नहीं था पास से गुजरे रपटानुमा नहर से काम चलता था समय के साथ वह भी सूख चुका है। ग्राम ने वर्षों से सरोवर की कमी का अनुभव किया है। आज यह गाँव एक नई पहचान के साथ जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।
उन्होंने आगे बताया कि संसद विजय बघेल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अथक सहयोग एवं सतत् प्रयासों से साढ़े तीन एकड़ क्षेत्र में निर्मित “अमृत सरोवर” अब गाँव की नई पहचान बन चुका है। इसकी संरचना तथा सरोवर के तट पर स्थित दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर इसे आस्था, संस्कृति और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बनाते हैं।




