रायपुर। अपराधों की रोकथाम के लिए अब रायपुर पुलिस केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए आधुनिक डिजिटल माध्यमों का भी सहारा ले रही है। इसी सोच के साथ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने समाज में बढ़ते साइबर अपराध, नशे की लत, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, सड़क सुरक्षा समेत कई गंभीर विषयों पर आधारित जनजागरूकता शॉर्ट फिल्मों की शुरुआत की है।
शनिवार को ट्रैफिक कार्यालय, कालीबाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने इन शॉर्ट फिल्मों का विधिवत विमोचन किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, नारायणा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. खेमका, पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर, संदीप पटेल, स्मृतिक राजनाला, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा, विवेक शुक्ला सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब समाज भी पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में शॉर्ट फिल्में लोगों तक संदेश पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही हैं और इनके जरिए विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को कानून के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान शॉर्ट फिल्म के निर्देशक डॉ. राहुल पारीक और उनकी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
रायपुर पुलिस का मानना है कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे मजबूत नींव होते हैं और यही सोच इस नई डिजिटल मुहिम की आधारशिला है।





