रायगढ़ जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ पुलिस ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए बड़ी दबिश कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी के घर पहुंचकर नोटिस चस्पा किया है और उसे तीन दिनों के भीतर थाना कोतरारोड़ में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि आरोपी निर्धारित समय के भीतर उपस्थित नहीं होता है तो उसकी संपत्तियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद जिले में नकली शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
जब पुलिस विकास नगर स्थित आरोपी के घर पहुंची तो मकान में ताला लगा मिला। काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि आरोपी और उसके परिवार के सदस्य कई दिनों से घर पर नहीं हैं।
इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार मकान के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर आरोपी को तीन दिन के भीतर थाने में उपस्थित होने का आदेश दिया।
ऐसे हुआ था नकली शराब सिंडिकेट का खुलासा
8 जून 2026 को रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित एक बड़े नकली शराब नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था।
कार्रवाई में बरामद सामग्री
- लगभग 240 लीटर नकली शराब
- 869 विभिन्न पैमानों की शराब की बोतलें
- स्प्रिट से भरे ड्रम
- नकली लेबल
- फर्जी होलोग्राम
- शराब पैकिंग सामग्री
- खाली बोतलें
- गैस सिलेंडर और चूल्हा
- एल्यूमिनियम डेगची
पुलिस के अनुसार यह एक संगठित सिंडिकेट था जो लंबे समय से अवैध कारोबार में सक्रिय था।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
जांच में सामने आया कि गिरोह बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करता था और उसमें स्प्रिट मिलाकर मात्रा बढ़ाई जाती थी। शराब का रंग हल्का पड़ने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा स्वरूप दिया जाता था।
इसके बाद नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर शराब को बाजार में बेचा जाता था।
गिरोह का काम करने का तरीका
- असली जैसी दिखने वाली नकली शराब तैयार करना
- स्प्रिट मिलाकर मात्रा बढ़ाना
- नकली लेबल और होलोग्राम लगाना
- कोचियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में बिक्री करना
- ग्रामीण और शहरी इलाकों में सप्लाई नेटवर्क बनाना
एक आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस ने 10 जून को फरार आरोपी सुभाष पटेल को उसके फार्म हाउस से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर शराब निर्माण और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए थे।
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और सप्लाई चैन की भी पड़ताल कर रही हैं।
संपत्तियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विवरण तैयार करना शुरू कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के जरिए उसकी तलाश जारी है।
जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली शराब केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा है। ऐसी शराब के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और जानलेवा घटनाएं हो सकती हैं।
इसी कारण पुलिस और आबकारी विभाग इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।





