अमलेश्वर। दुर्ग पुलिस ने नागपुर स्थित किराए के मकान में दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले एक गिरोह को दबोचा। इस मामले में भिलाई का मास्टर माइंड आरोपी यूपी-बिहार के युवकों को लेकर नागपुर में सट्टा सिंडिकेट चला रहा था। ऑनलाइन सट्टा में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख का लेन-देन और हर माह लगभग 1.50 करोड़ की कमाई का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मास्टर माइंड समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं ऑनलाइन सट्टे की अवैध कमाई से खरीदे गए लगभग 23 लाख रुपए मूल्य के सोने एवं डायमंड के आभूषण भी जब्त किया है।
सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रुम में शहर एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना छावनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना छावनी क्षेत्र निवासी निशांत कुमार गुप्ता (29 वर्ष) निवासी सुभाष चौक, शीतला मंदिर के पास कैप-02, भिलाई का रहने वाला लंबे समय से विभिन्न राज्यों में छिपकर ऑनलाइन सट्टा संचालन का कार्य कर रहा है तथा वर्तमान में अपने निवास स्थान से भी ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग गतिविधियों का संचालन कर रहा है। सूचना पर थाना छावनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध निशांत कुमार गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों की प्रारंभिक जांच में सूचना सही पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह सी-बी क्रिकेट बुझ बेटिंग ऐप एवं रुबि बेट नामक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित करता है तथा पुलिस से बचने के उद्देश्य से अपने सहयोगियों को महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में किराये का मकान लेकर वहां से ऑनलाइन सट्टा संचालन करवाता है। मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर स्थित किराए के मकान में दबिश दी। मौके पर
बड़ी मात्रा में बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज समेत सिम कार्ड बरामद
प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए। जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि उक्त बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं मोबाइल सिम कार्ड वास्तविक खाताधारकों एवं व्यक्तियों से बेईमानी, छलपूर्वक अथवा अन्य अवैध तरीकों से प्राप्त किए गए थे तथा उनका उपयोग ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त धनराशि के संग्रहण, हस्तांतरण एवं छिपाने के लिए किया जा रहा था। ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त राशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा कर परत-दर-परत ट्रांसफर किया जाता था। इससे वास्तविक लाभार्थियों एवं अपराध से अर्जित धनराशि के स्रोत को छिपाया जा सके। विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता द्वारा पिछले कई वर्षों से ऑनलाइन सट्टा संचालन से अर्जित अवैध धनराशि का उपयोग महंगे आभूषण एवं अन्य संपत्तियां अर्जित करने में किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने खरीदे गए सोने एवं डायमंड मिश्रित आभूषण महावीर ज्वेलर्स, पावर हाउस में 10 माह पूर्व गिरवी रखे गए थे। पुलिस ने उक्त आभूषणों को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए विधिवत जप्त किया गया है। जप्त आभूषणों में लगभग 15 तोला सोना एवं डायमंड मिश्रित जेवरात शामिल हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 23 लाख रुपये है।
पुलिस ने इन आरोपियों को किया है गिरफ्तार
आरोपी निर्शात कुमार गुप्ता (29 वर्ष) कैप-02, अखिलेश यादव (22 वर्ष) निवासी खुड़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), पंकज यादव (22 वर्ष) निवासी खुड़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), आशीष जायसवाल (20 वर्ष) निवासी खेरी कोठा, थाना मधुवन, जिला मऊ (उ.प्र.), विशाल पटेल (29 वर्ष) निवासी बरवा विद्यापति, थाना महाराजगंज, जिला महाराजगंज (उ.प्र.), शिवम चौहान (23 वर्ष) निवासी झउवा, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), जयहिंद यादव (22 वर्ष) निवासी कुढ़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.), वेचन मुखिया (24 वर्ष) निवासी बेनीपुर, थाना बहेड़ा, जिला दरभंगा (बिहार) व भागीरथ राम 35 वर्ष, निवासी नयागांव, थाना रेयाम, जिला दरभंगा (बिहार) गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए युवक 20 से 25 हजार रुपए वेतन में करते थे काम
एएसपी श्री राठौर ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट संचालन, आईडी प्रबंधन एवं अन्य तकनीकी कार्य करते थे। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह लगभग 20,000 से 25,000 वेतन तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि युवकों को लालच देकर संगठित रूप से ऑनलाइन सट्टा संचालन में लगाया गया था आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके द्वारा प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख का ऑनलाइन लेन-देन किया जाता था, जो प्रतिमाह लगभग 1.50 करोड़ तक पहुंचता था मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता विभिन्न राज्यों में स्थान बदल-बदल कर ऑनलाइन सट्टा संचालन का कार्य कर रहा था। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर एवं अन्य राज्यों में रहकर अवैध गतिविधियों को संचालित करता था। इससे उसके विरुद्ध पूर्व में प्रभावी कानूनी कार्रवाई से बचता था।
ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए कुल 8 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पत्रवार्ता में क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार, छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा, छावनी टीआई अमति अंदानी उपस्थित थे। पुलिस ने यह किये हैं
जब्त : एंड्रॉयड मोबाइल 26 नग, लैपटॉप 03 नग, आईपैड 02 नग, एटीएम कार्ड 85 नग, बैंक पासबुक 18 नग, एक्सटेंशन बोर्ड 19 नग, लैपटॉप चार्जर 03 नग, मोबाइल चार्जर 07 नग, पावर बैंक 19 नग, टीवी कनेक्टर 19 नग, चेकबुक- 02 नग, आधार कार्ड विभिन्न, सिम कार्ड 45 नग, हिसाब-किताब रजिस्टर एवं दस्तावेज, नगदी राशि 1,54,620 रुपए, 45 सिम कार्ड जब्त की है।
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