रायपुर। रायपुर में ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट के माध्यम से रायगढ़ जेल से रायपुर लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब दोनों से विस्तृत पूछताछ करेगी। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश वाधवानी और
मोहित सोमानी के रूप में हुई है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों से जुड़े मामले में उनकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उन्हें रायगढ़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर रायपुर में विधिवत कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने 03 जून तक रिमांड प्राप्त की है। इस दौरान पुलिस उनसे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में दर्ज FIR से जुड़ा हुआ है। जांच में पहले ही कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें मंजीत सिंह, रोहित मोटवानी, राजा साहू और आकाश सिन्हा उर्फ टीटू के नाम शामिल हैं। इन सभी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित किया जा रहा था।
जिसमें कई लोग अलग-अलग स्तर पर शामिल थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके। जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस सट्टा नेटवर्क में किन-किन स्थानों से संचालन किया जा रहा था और किन माध्यमों से पैसों का लेन-देन हो रहा था। इसके लिए बैंक खातों, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रिमांड अवधि के दौरान दोनों आरोपियों से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गुढ़ियारी थाना पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संगठित अपराध के रूप में जांच कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की कई परतें उजागर होंगी और पूरे गिरोह पर शिकंजा कसा जा सकेगा।





