राजनांदगांव। राजनांदगांव, सोमनी थाना क्षेत्र में बीमार किशोरी को गलत मेडिकल रिपोर्ट के कारण पहले तो गर्भवती बता दिया गया। फिर पुलिस ने पूरी रात थाने में बिठाकर उसके व उसके स्वजन के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। महिला कांस्टेबल द्वारा किशोरी का गला दबाने, गाली-गलौच और मारपीट करने के आरोप हैं। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
मामले में स्वजनों ने कांग्रेस नेताओं के साथ पहुंचकर कलेक्टर और एसपी से शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद सोमनी थाना प्रभारी अरुण नामदेव को रक्षित आरक्षी केंद्र भेज दिया गया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी की मेडिकल अफसर डा. मौन्या साहू को किशोरी को प्रेगनेंसी की गलत रिपोर्ट थमाए जाने पर हटा दिया गया है। यह पूरा मामला गलत जांच रिपोर्ट से शुरू हुआ। सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमार 14 वर्षीय किशोरी को गर्भवती होने की रिपोर्ट थमा दी गई। मामले में जांच के दौरान पुलिस ने असंवेदनशीलता की सारी हदें लांघ दी।
बच्ची को रात 10 बजे थाने लाकर बिठा लिया गया और सुबह पांच बजे तक पूछताछ के नाम पर उससे मारपीट, अभद्रता किए जाने के आरोप स्वजनों ने लगाए हैं। दरअसल, 25 मई को 14 वर्षीय किशोरी को पेट दर्द की शिकायत के बाद सोमनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए ले जाया गया था। यहां स्टाफ ने जांच के बाद उसे गर्भवती बता दिया। नाबालिग और उसका परिवार इससे सदमे में आ गए। मामला पुलिस के पास पहुंचा। देर रात सोमनी पुलिस ने किशोरी को उसके रिश्तेदार के घर से खाना खाते हुए उठा लिया और पूरी रात थाने में बिठाए रखा। दूसरे दिन उसे राजनांदगांव में जांच में उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। उधर सदमें में किशोरी दो दिनों से कुछ नहीं खा रही है। चिकित्सकों ने जांच में उसके गले में सूजन बताई है जो कि गला दबाने की वजह से हुई है। स्वजनों ने बताया कि वह सदमे में है। दूसरी ओर गांव में उनकी प्रतिष्ठा पर आघात पहुंचा है। पूरा परिवार स्वयं को मानसिक रूप से प्रताडि़त महसूस कर रहा है। इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य अमले की लापरवाही और सोमनी पुलिस की असंवेदनशीलता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
काम वाली बाई ने उड़ाए लाखों के जेवर, नेवई पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
अमलेश्वर। दुर्ग। घर में काम करने आई कामवाली आरोपी महिला ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। आरोपी महिला ने घर से सोने चांदी के आभूषण पार कर दिए थे। नेवई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपीगण से लगभग 12 लाख 22 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया है।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी दुर्गा प्रसाद नागपुरे निवासी आशीष नगर पश्चिम रिसाली भिलाई ने 26 मई को नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 अप्रैल की सुबह उसने अपने घर की अलमारी को खोलकर देखा तो अलमारी में रखे पर्स से सोने का हार, मांग टीका, नाक की नथनी, हाथ के कड़े, मंगलसूत्र, कान के तीन जोड़ी टॉप्स जिसका वजन लगभग 14.5 ग्राम था, पर्स में नहीं था। कोई अज्ञात चोर घर के अंदर प्रवेश कर चोरी कर ले गया था। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 305 ए, 331 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया था। जांच में घर में काम करने वाली बाई मालती ध्रुव, उसके पति देवी लाल ध्रुव एवं आरोपिया के जीजा हेमलाल मंडावी पर शक हुआ। पुलिस ने सभी को थाना में लाकर पूछताछ की। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। आरोपी मालती ध्रुव ने बताया कि 19 अप्रैल को दुर्गा प्रसाद नागपुरे के घर के अलमारी में रखे सोने के गहनों की चोरी करके अपने पति देवीलाल एवं जीजा हेमलाल मांडवी के सहयोग से कुछ गहनों को मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया है। जिसकी रसीद व मोबाइल फोन की जब्ती पुलिस ने की है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई में निवाई थाना के निरीक्षक अनिल कुमार साहू, उप निरीक्षक सुरेंद्र तारम, आरक्षक रवि बिसाई, प्यारेलाल विजय कुर्रे एवं महिला आरक्षक कीर्ति साहू, एसीसीयु से एएसआई भारत यादव, प्रेम सिंह, रोहन दुबे की सराहनीह भूमिका रही।
+यह आरोपी गए जेल
नेवई पुलिस आरोपी श्रीमती मालती ध्रुव 33 वर्ष पति देवीलाल ध्रुव निवासी ग्राम तरसींवा थाना अर्जुनी जिला धमतरी, देवीलाल ध्रुव 35 वर्ष ग्राम तरसींवा थाना अर्जुनी हाल मुकाम ग्राम कातरों थाना उतई तथा हेमलाल मंडावी निवासी ग्राम घोरदा पोस्ट अर्जुनी जिला राजनांदगांव को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।





