नई दिल्ली. संजू सैमसन ने जबसे राजस्थान रॉयल्स को छोड़ने का संकेत बनाया, तब से ही चेन्नई सुपर किंग्स की नजर उन पर गड़ी हुई है। उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए सीएसके ने रॉयल्स से ट्रेडिंग का रास्ता अपनाया। राजस्थान ने संजू सैमसन को देने के बदले में सीएसके से दो खिलाड़ी- स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन की मांग की। चर्चा तो ये है कि जडेजा के लिए रॉयल्स ने कप्तानी की भूमिका सोच रखी है। दोनों टीमों के बीच इस बहुचर्चित डील में देरी हो रही है। वजह है एक बड़ा पेच। संजू सैमसन और रविंद्र जडेजा की अदला-बदली में तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन असली पेच सैम करन को लेकर फंसा है।
सैम करन को लेकर फंसा है असली पेच
अगर सीएसके और राजस्थान रॉयल्स सिर्फ रविंद्र जडेजा और संजू सैमसन की अदलाबदली करतीं तब तो कोई दिक्कत ही नहीं होती। ये डील काफी पहले फाइनल हो गई होती। पेच फंसा है राजस्थान रॉयल्स के ओवरसीज खिलाड़ियों के कोटे को लेकर। इसी को लेकर डील में देरी हो रही है। रॉयल्स का ओवरसीज कोटा पहले से फुल है। इसके अलावा राजस्थान रॉयल्स के पास खिलाड़ियों को खरीदने के मद में सिर्फ 30 लाख रुपये बचे हैं।
डील अभी प्रक्रिया में
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स ने खिलाड़ियों की अदला-बदली के लिए 48 घंटे से भी ज्यादा पहले एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि बीसीसीआई को अभी भी औपचारिक तौर पर मंजूरी के लिए गुजारिश नहीं की गई है। इस तरह डील अभी प्रक्रिया में है और पूरी नहीं हुई है।
समझे वो पेच जिस वजह से हो रही डील में देरी
डील में असली पेच सैम करन की वजह से फंसा है। मामला सिर्फ संजू सैमसन और रविंद्र जडेजा की अदला-बदली तक सीमित रहता तब तो बहुत पहले ही डील फाइनल हो चुकी है। आईपीएल नियमों के मुताबिक कोई फ्रेंचाइजी अधिक से अधिक 8 विदेशी खिलाड़ियों को रख सकती है। राजस्थान रॉयल्स का ये कोटा फुल है। उसके पास पहले से 8 विदेशी खिलाड़ी हैं जो हैं- जोफ्रा आर्चर, शिमरन हेटमायर, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्षना, फजलहक फारूकी, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर और लुआन ड्रि प्रिटोरियस। इसके अलावा उसके पास 14 भारतीय खिलाड़ी हैं। सैम करन चूंकि विदेशी खिलाड़ी हैं, इसलिए राजस्थान रॉयल्स उन्हें अपने साथ तभी जोड़ सकती है जब वह किसी विदेशी खिलाड़ी को रिलीज करे।
पैसे का भी मामला है
ओवरसीज कोटा के अलावा पैसा भी डील में देरी के लिए एक बड़ा फैक्टर है। राजस्थान रॉयल्स के पर्स में खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सिर्फ 30 लाख रुपये बचे हैं। करन की कीमत 2.4 करोड़ रुपये है। इसलिए उनको साथ जोड़ने के लिए रॉयल्स को न सिर्फ किसी विदेशी खिलाड़ी को रिलीज करना होगा, बल्कि ये भी ध्यान रखना होगा कि रिलीज किए जा रहे खिलाड़ी की वैल्यू इतनी हो कि करन को साथ जोड़ने के लिए पर्याप्त हो। यानी उसकी वैल्यू 2.4 करोड़ रुपये से ज्यादा हो।
सैम करन के लिए किसे को रिलीज कर सकती है RR?
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स श्रीलंका के दो स्पिनरों- वनिंदु हसरंगा और महीश तीक्षना में से किसी को रिलीज करने पर विचार कर रही है। हसरंगा की कीमत 5.25 करोड़ रुपये है और तीक्षना की कीम 4.4 करोड़ है। अगर इनमें से किसी को भी रॉयल्स रिलीज करती है तो उसके पास सैम करन को खुद से जोड़ने के लिए पर्याप्त पैसे हो जाएंगे। 15 नवंबर तक तो वैसे भी तस्वीर साफ हो जानी है क्योंकि आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिए खिलाड़ियों की रिटेंशन-रिलीज लिस्ट जारी करने की वो आखिरी तारीख है।
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