सांकरा। अम्लेश्वर। पाटन। कलाकार तो बहुत है लेकिन जो मिट्टी की मूर्ति पर जान फूंक दे , मूर्ति को जीवंत बना दे ऐसे कलाकार कम ही देखने को मिलते हैं ऐसे ही मूर्तिकार पाटन ब्लॉक के सांकरा गांव के मृत्युंजय मूर्तिकार है। इससे भी बड़ी बात है यथा नाम तथा गुण वाला कहावत चरितार्थ करते हैं उनका नाम ही मूर्ति कुमार है।
सांकरा में स्थित मृत्युंजय मूर्तिकार जिनका नाम ही मूर्ति कुमार बताते हैं की बचपन से ही उन्हें मिट्टी की मूर्तियां बनाने का शौक रहा है उनका यह जुनून, उनका यहां हौसला अनेक पड़ाव को पार करते हुए आज उन्हें एक अच्छे मूर्तिकार के रूप में स्थापित कर दिया है। यथा नाम तथा गुण वाले मूर्ति कुमार ने आज तक कई मूर्तियां बनाई, जिसमें भगवान गणेश,मां दुर्गा, राधा कृष्ण,भगवान विश्वकर्मा, मां लक्ष्मी जैसी अनेक शानदार मूर्तियां है।

उन्होंने बताया कि आज से 15 साल पहले उन्होंने मिट्टी से मूर्ति बनाने का कार्य शुरू किया था। पहले उन्होंने छोटी मूर्तियां बनाई तत्पश्चात धीरे-धीरे बड़ी मूर्तियां बनाते चले गए। उनकी मूर्तियों को देखकर लोग दूर-दूर से मूर्तियां खरीदने के लिए आने लगे, आज आलम यह है अपनी मूर्ति कला के काम पर मूर्ति कुमार काफी व्यस्त रहते हैं उनकी मूर्तियां रायपुर,दुर्ग, भिलाई, राजनंदगांव के अलावा कई स्थानों तक जाती है। पहले वह आर्डर लेते हैं, उसके बाद उनके मन मुताबिक मूर्तियां तैयार करते हैं उनके इस काम में मां,बहन और भाई का सहयोग रहता है।
मृत्युंजय मूर्तिकार बताते हैं मूर्ति का निर्माण स्वयं करते हैं उनके घर में मूर्ति से संबंधित कामों में सहयोग किया जाता है उन्होंने आगे बताया है कि जहां मूर्ति बनाते हैं वह जगह भी कम पड़ने लगी है। क्योंकि उनका काम बढ़ रहा है लगातार उनके पास लोग मूर्तियां बनवाने आ रहे हैं।
स्वाभाविक है कि उनका काम बोल रहा है इसलिए आज उसको लगातार काम मिलते जा रहा हैं मूर्ति कुमार की कला को देखते ही कोई भी कह सकता है कि उसे मिट्टी की मूरत में जान फूंकने आता है, वे हाथों के जादूगर है, इसीलिए लोग दूर-दूर से मृत्युंजय मूर्तिकार सांकरा पहुंचते है।
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