अमलेश्वर । दुर्ग जिला अंतर्गत नगरपालिका परिषद अमलेश्वर में 10 सितंबर को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें 18 पार्षद सहित अध्यक्ष उपाध्यक्ष और पालिका अधिकारी,कर्मचारी के मौजूदगी में संपन्न हुआ। पांच एजेंडों पर विस्तार से चर्चा भी हुई।
अचानक फिर से आज 11 सितंबर को नगर पालिका कार्यालय में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पार्षदों और अधिकारी, कर्मचारियों के बीच बैठक संपन्न हुआ। जिसमें क्या कुछ चर्चा हुई इसकी जानकारी तो पार्षद गण नहीं दिए, लेकिन उनका कहना है की ऑफिशियल कुछ बातचीत अधिकारी और पार्षदों के बीच हुआ है जिसके नाराजगी के चलते आज बैठक आहूत की गई थी।
वही नगर पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने यह भी कहा कि अब सब कुछ ठीक हो गया है कुछ मिस अंडरस्टैंडिंग था जिसे दूर कर लिया गया है। पार्षद और अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित हो गई है। लेकिन ऐसा लगता है नगर पालिका के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने आप को प्रशासक के रूप में देख रही है और जनप्रतिनिधियों को महत्व नहीं दे रही है। जिसकी कारण आज सामान्य सभा के बैठक के बाद दूसरे दिन भी बैठक आहूत की गई। इसका सीधा मतलब समझा जा सकता है कि अधिकारी की मनमानी चल रही है । जिस पर पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की है। नगर में मूल भूत सुविधाओं को लेकर लगातार पार्षद और अधिकारी के बीच तना तनी देखी गई। आखिर क्या कुछ चल रहा है नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में के नगर वासियों को समझ नहीं आ रहा है।
सूत्र बताते है कि पिछले वर्ष 2024 में 27 नवंबर को भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा नगर पालिका परिषद के मुख्य कार्य पालन अधिकारी की शिकायत लेकर के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के पास भी गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर किसका संरक्षण हो सकता है।पार्षदों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किसी बड़े नेता का संरक्षण का अनुमान लगाया है। जिस समय उप मुख्यमंत्री अरुण साव से शिकायत हुई उस समय नगर पालिका परिषद प्रशासक पाटन के एसडीएम था। उस समय भी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ नगर पालिका के अधिकारी का व्यवहार सही नहीं था इसलिए उनके कार्य शैली को लेकर के शिकायत करने पहुंचे थे।आज फिर से जनप्रतिनिधियों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया जिससे नाराज होकर पालिका में फिर से बैठक आहूत की गई और नाराजगी जाहिर की गई है।
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