अम्लेश्वर। अम्लेश्वर पालिका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 06 खुडमुडा के भाटापारा में निर्मित सीसी रोड और नाली में मानक स्तर का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजा लहराती हुई नालियों, सीसी रोड भी कही कही से अप डाउन हो चुका है। निर्माण कार्य को देखते हुए सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सीसी रोड और नाली निर्माण के दौरान अम्लेश्वर पालिका के इंजीनियर ने समय समय इसकी मनीटेरिंग की और अगर की गई है तो इस प्रकार का स्तरहीन निर्माण क्यों।
अप्रैल माह में खुडमुड़ा के वार्ड क्रमांक 6 में नागरिकों को सुविधा मिले इसलिए सीसी रोड के साथ ही नाली निर्माण लाखों रुपए का कार्य शुरू किया गया था भूमिपूजन में वार्ड के पार्षद के अलावा अम्लेश्वर पालिका के इंजिनियर और ठेकेदार भी शामिल रहे। उस दौरान कहा गया की जल्द से जल्द सीसी रोड और नाली निर्माण का कार्य किया जाएगा। लेकिन ठेकेदार ने सीसी रोड और नाली बनाने में चार माह से अधिक का समय लगा दिया। उसके बावजूद रोड और नाली मानक स्तर पर नही बन पाया। रोड के लेबल से कही कही पर नालिया नीचे या ऊपर की ओर जा रही है। तो कही कही पर सीसी रोड ऊपर नीचे है। इसके अलावा स्थानीय पार्षद खुबीराज सोनकर ने भी कहा कि निर्माण कार्य ठीक नहीं है।
इधर नगर पालिका परिषद अम्लेश्वर के पीडब्ल्यूडी प्रभारी एवं पीआईसी मेंबर पार्षद डॉ आलोक पाल , वरिष्ठ कार्यकर्ता पूरन साहू, ओमप्रकाश साहू, एवं मृत्युंजय देवांगन द्वारा दिनांक 09/09/25 को वार्ड क्रमांक 06 खुडमुडा अंतर्गत भाटापारा में सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य में निम्न गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं : 1. कोर कटिंग टेस्ट स्थल पर उपस्थित नहीं मिला। 2. रोड की सतह अनबैलेंस (Uneven) पाई गई। 3. प्रत्येक 4 मीटर पर दिया जाने वाला गैप एब्सेंट मिला। 4. रोड का कंक्रीट थिकनेस मानक के अनुसार नहीं है तथा बराबर भी नहीं है। 5. WBM लेयर (सब-बेस) का उपयोग नहीं किया गया। 6. एक तरफ की नाली अपूर्ण अवस्था में पाई गई। 7. क्यूरिंग का कार्य सही तरीके से नहीं किया गया, जिससे जगह-जगह दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। 8. नाली की थिकनेस मानक के अनुसार नहीं है। 9. निर्माण कार्य के समय वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया गया। 10. सीमेंट का उपयोग मानक एवं आवश्यकता से कम किया गया। 11. रोड में आवश्यक 2% स्लोप नहीं दिया गया, जिससे जल निकासी बाधित होगी।12. रोड की सतह स्मूथ नहीं है। 13. ड्रेन की दीवारों का थिकनेस बहुत कम पाया गया। 14. कई स्थानों पर ड्रेन की दीवारों में प्रयुक्त आयरन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उपरोक्त बिंदुओं से स्पष्ट है कि कार्य में गंभीर अनियमितताएँ एवं तकनीकी मानकों की अवहेलना की गई है।
पीडब्ल्यूडी प्रभारी एवं पीआईसी मेंबर पार्षद डॉ आलोक पाल ने कहा कि इस कार्य की तकनीकी जांच कर एजेंसी पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा भुगतान की कार्यवाही जांच पूर्ण होने तक तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। जनहित में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग अम्लेश्वर पालिका के सीएमओ से की है।
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