जांजगीर-चांपा :- छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिव ईलाही मोहम्मद कुरैशी पर एक और घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पहले से 25 लाख रुपये के गबन और धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में जेल में बंद सचिव पर अब ग्राम पंचायत रसेड़ा में 3.73 लाख रुपये की वित्तीय हेराफेरी का आरोप सामने आया है। इस खुलासे के बाद भी सचिव को अब तक बर्खास्त नहीं किया गया, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जांच रिपोर्ट में पुष्टि, दस्तावेज नहीं दे सका सचिव :- जनपद पंचायत अकलतरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति ने रसेड़ा पंचायत में 15वें वित्त आयोग (2024-25) की राशि के उपयोग की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार सचिव ईलाही कुरैशी द्वारा 3.73 लाख रुपये की शासकीय राशि का कोई वैध दस्तावेज या सबूत नहीं दिया गया। इससे शासकीय निधि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है।
सरपंच और उपसरपंच ने दर्ज कराई शिकायत :- ग्राम पंचायत रसेड़ा की सरपंच जानकीबाई और उपसरपंच गणेशराम ने अकलतरा थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर की मांग की है। साथ ही इस शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है।
पहले ही जेल में है सचिव, फिर भी कार्रवाई अधूरी :- ईलाही कुरैशी पहले ही कोटमीसोनार पंचायत में ₹25.13 लाख के गबन और वॉट्सऐप ग्रुप में भड़काऊ पोस्ट के आरोप में 10 जून 2025 को गिरफ्तार हो चुका है। उस पर IPC की धारा 420, 409, 34 और BNS की धारा 299 के तहत अपराध दर्ज हैं। पूछताछ में उसने दोनों मामलों में अपराध स्वीकार भी किया है।
तीसरा मामला सामने आने से ग्रामीणों में उबाल :- रसेड़ा में तीसरे घोटाले के उजागर होने से ग्रामीण और जनप्रतिनिधि नाराज हैं। उनका कहना है कि जहां-जहां ईलाही कुरैशी ने सचिव पद पर काम किया, वहां की जांच करवाई जानी चाहिए क्योंकि यह गबन सुनियोजित और व्यापक हो सकता है। अब तक सचिव के खिलाफ सिर्फ निलंबन किया गया है, बर्खास्तगी की कोई प्रक्रिया नहीं शुरू हुई। जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच की जाएगी।
जुड़िये प्रदेश के सबसे तेज न्यूज़ नेटवर्क से
https://chat.whatsapp.com/HjkV5Kqy2MoKMVdSPufHlm
About The Author






