अम्लेश्वरडीही के छत से टपक रहा है पानी, तो कही मैदान बना स्विमिंग पूल
मगरघटा स्कूल में बड़ी-बड़ी झाड़ियां और खरपतवार उग आए
कई स्कूल के बाथरूम का दरवाजा जर्जर तो कहीं दीवारो पर क्रैक
नारायण वर्मा, अम्लेश्वर। जिला मुख्यालय दुर्ग से 40 से 45 किलोमीटर दूर और राजधानी से लगे हुए अमलेश्वर के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है। कुछ दिनों बाद स्कूल खुलने का समय आ चुका है। लेकिन अमलेश्वर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुछ स्कूलों की हालत खराब है।
किसी स्कूल के छत से टपक रहा है पानी, तो किसी स्कूल का खेल मैदान बारिश की पानी से भर जाता है जिसकी निकासी का कोई इंतजाम नहीं, आने-जाने का रास्ता नहीं है, इसके अलावा कुछ सरकारी स्कूल के बाथरूम का दरवाजा भी जर्जर हो चुका है तो किसी स्कूलों के दीवारों पर क्रेक आ चुका है। सांकरा स्कूल के छत का सरिया नजर आ रहा है। तो कही स्कूल मैदान में बड़े-बड़े खरपतवार उग आए हैं जिस पर जहरीले सांप और बिच्छुओं का डेरा है,। एक और सरकार सरकारी स्कूलों की शिक्षा को उच्च उठाने का प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर यह हाल है दहशत के माहौल में बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं आशंका यहां है कि कहीं कोई बड़ा हादसा ना हो जाए।
मगरघटा स्कूल
शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा का हाल बेहाल है बड़े-बड़े पेड़ खरपतवार और घास फूस उगे हैं जंगली सांप बिच्छू निकाल कर क्लास रूम तक पहुंच जाते हैं जहां पर बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है। अब बच्चे अपनी पढ़ाई करे या अपनी रक्षा करें। विगत दो साल हो गए लेकिन सफाई के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है।

अमलेश्वरडिही
इधर अमलेश्वरडिही के प्राथमिक स्कूल में यही हाल है बारिश के दिनों में स्कूल मैदान में पानी भर जाता है जिसे निकालने का कोई ठोस साधन नहीं है। आखिर विद्यार्थी पढ़ने आए भी तो कैसे। स्कूल स्टाफ रूम में छत से बारिश का पानी टपकता है। कई स्थानों पर दीवारें जर्जर होने से इनमें से सीमेंट की परतें गिरने लगी हैं।
सांकरा स्कूल
सांकरा स्कूल का रसोई काफी जर्जर हो चुका है छत भी उखड़ी है। सरिया नजर आ रहा है इसके अलावा दरवाजा भी टूट चुका है जिससे बारिश के दिनों में जहरीले सांप, बिच्छू का खतरा निरंतर बना हुआ है।
प्राथमिक शाला बजरंग नगर अम्लेश्वर
प्राथमिक शाला बजरंग नगर अम्लेश्वर में बारिश के दिनो मे पूरा पानी भर जाता है। बाउंड्रीवाल शाला का इतना नीचे हो चुका है की रोड के समतल पर हो चुका है जिसका फायदा उठा कर असमाजिक तत्व स्कूल के परिसर में प्रवेश करते है और जाम छलकाने के बाद दारू की बोतल,डिस्पोजल तथा अन्य सामग्री यहां फेक कर चले जाते हैं। जिससे स्कूल का माहौल खराब हो रहा है।
कमोबेश और भी कुछ सरकारी स्कूलों का यही हाल है। स्कूलों में बात करने पर पता चला कि समस्याओं के संबंध में शिक्षा विभाग को वह लोग कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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