नई दिल्ली:- भारतीय रेलवे ने देश भर के 1,337 रेलवे स्टेशनों पर विशेष रूप से डिजाइन की गई डिजिटल घड़ियां लगाने की योजना शुरू की है. ये घड़ियां न सिर्फ सटीक समय प्रदर्शित करेंगी, बल्कि भारतीय रेलवे की विशेषता और उसकी अलग पहचान को भी प्रतिबिंबित करेंगी, जो इनोवेशन और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है. रेलवे की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शुरू किया जा रहा है. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर में 1,337 स्टेशनों के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया जा रहा है.
डिजिटल घड़ियों के लिए रेल मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की है, जिसमें पेशेवर डिजाइनरों, कॉलेज के छात्रों और स्कूली बच्चों से प्रविष्टियां (Entries) आमंत्रित की गई हैं. इसका उद्देश्य नवीन एवं व्यावहारिक घड़ी डिजाइनों का चयन करना है, जिन्हें भारतीय रेलवे के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए सभी रेलवे स्टेशनों पर मानकीकृत किया जा सके.
रेल मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार ने हाल ही में मीडिया को बताया, “अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 37 से अधिक स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, और शुरुआत में हम इनमें से प्रत्येक चयनित स्टेशन और उनके प्लेटफार्मों पर डिजिटल घड़ी लगाएंगे.” उन्होंने कहा, “इसमें पेशेवरों सहित प्रतिभागियों को अपने डिजाइनों की उच्च-रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें इस वर्ष मई तक प्रस्तुत करनी होंगी, जो मौलिक होनी चाहिए और बौद्धिक संपदा उल्लंघनों से मुक्त होनी चाहिए.”
नकद पुरस्कार :-
पेशेवर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ डिजाइन को 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा, जबकि 50,000 रुपये के पांच कंसोलेशन प्राइज भी दिए जाएंगे. इसी तरह, कॉलेज और स्कूल छात्र श्रेणियों में भी पांच-पांच कंसोलेशन प्राइज दिए जाएंगे. लोग अपने डिजाइन की तस्वीर के साथ 1 मई से 31 मई 2025 तक रेलवे के ईमेल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक स्टेशन पर प्लेटफॉर्म, स्टेशन भवन, प्रतीक्षालय और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में विशेष रूप से डिजाइन की गई 20 से 25 डिजिटल घड़ियां लगाई जा सकती हैं.
समय के साथ, इस परियोजना का विस्तार करके देश के सभी स्टेशनों को कवर किया जा सकता है. ये डिजिटल घड़ियां अक्षय सौर ऊर्जा से भी संचालित हो सकती हैं और इनमें तापमान, प्रदूषण स्तर और अन्य उपयोगी डेटा जैसे अतिरिक्त डिस्प्ले भी हो सकते हैं.
समय के साथ, इस परियोजना का विस्तार करके देश के सभी स्टेशनों को कवर किया जा सकता है. ये डिजिटल घड़ियां अक्षय सौर ऊर्जा से भी संचालित हो सकती हैं और इनमें तापमान, प्रदूषण स्तर और अन्य उपयोगी डेटा जैसे अतिरिक्त डिस्प्ले भी हो सकते हैं.
अगले साल डिजिटल घड़ियों का अनावरण :-
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,337 स्टेशनों में से 1,202 पर पुनर्विकास कार्य के लिए ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं. इन रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प का कार्य चल रहा है. रेलवे की योजना अगले साल तक इन डिजिटल घड़ियों के पहले सेट का अनावरण करने की है.
खास बात यह है कि भारतीय रेलवे चयनित घड़ी डिजाइनों का कॉपीराइट अपने पास रखेगा. विजेता प्रविष्टिया दिखने में आकर्षक और बड़े पैमाने पर उत्पादन और कार्यान्वयन के लिए व्यवहार्य होनी चाहिए, जिसमें भारतीय रेलवे की सेवा और प्रगति की भावना समाहित हो.
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