खल्लारी वन क्षेत्र में नेशनल हाईवे क्रमांक 353 के करीब खल्लारी मातेश्वरी पहाड़ी के नीचे वन कक्ष क्रमांक 182 में एक बायसन यानी वन भैसा और बुंदी बाघ के करंंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है।
इस घटना से वन विभाग के अफसर के कान खड़े हो गए हैं क्योंकि इससे साबित हो गया है कि विभाग अवैध शिकार रोकने में नाकामयाब है जबकि शिकार करने वालों के हौसले बुलंद है ताजा जानकारी के अनुसा खल्लारी वन क्षेत्र में नेशनल हाईवे क्रमांक 353 के करीब खल्लारी मातेश्वरी पहाड़ी के नीचे वन कक्ष क्रमांक 182 में एक बायसन यानी वन भैसा और बुंदी बाघ के करंंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है।
इस घटना से वन विभाग के अफसर के कान खड़े हो गए हैं क्योंकि इससे साबित हो गया है कि विभाग अवैध शिकार रोकने में नाकामयाब है जबकि शिकार करने वालों के हौसले बुलंद है ताजा जानकारी के अनुसार
अज्ञात आरोपीयों ने हाईटेंशन बिजली पोल से करीब 4 सौ मिटर लम्बे तार फैलाकर घटना को अजाम दिया।
अज्ञात आरोपीयों ने घटना को अंजाम देने के बाद अपना बिजली तार वहां से ले के चल दिए हैं ताकि अवैध शिकार दुर्घटना का रूप लगे। उक्त घटना बीती रात्रि की बतायि जा रही है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय वन अमला घटना स्थल पर पहुंचे और जांच कर रहे हैं।
कांग्रेस के किसान नेता अंकित बागबाहरा ने इसके वन विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राज्य में अवैध शिकार की घटनाएं थम नहीं रही हैं, इसके पहले दर्जनों शेर और चीते का शिकार कर लिया गया और कई पशु का शिकार भी धड़ल्ले से जारी है लेकिन वन विभाग का हमला न तो अवैध शिकारों के खिलाफ कार्रवाई करता है और नहीं उन्हें सजा दिला पाता है। उन्होंने आशंका जताई कि इस घटना में भी वन विभाग के उच्च अधिकारी आपस में मिलजुल कर मामले को रफा दफा कर सकते हैं लेकिन सरकार को चिंता इस बात की होनी चाहिए कि वन जीव जंतु यदि इसी तरह अवैध शिकार होते रहे तो जंगल बिना जीव जंतु के हो जायेंगें इसलिए वन मंत्री केदार कश्यप को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और इसके लिए दोषी अफसर पर कार्यवाही करना चाहिए।
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