नई दिल्ली :- जनसंख्या के चक्र में सरकार ने बदलाव किया है। अब जनगणना हर 10 साल के बजाय 2035 में होगी। बता दे की अब जनगणना डिजिटल होगी और सेल्फ़ एन्यूमरेशन ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इस बार जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग का काम सितंबर 2024 में शुरू हो सकता है। वहीं जनगणना पूरी होने के बाद लोकसभा सीटों का परिसीमन शुरू होगा।
भारत में पहली बार जनगणना 1872 में गवर्नर-जनरल लॉर्ड मेयो के शासन काल के दौरान हुई थी। 1881 में भारत की पहली संपूर्ण जनगणना 1881 आयुक्त डब्ल्यू.सी. प्लोडेन के द्वारा कराई गई थी तथा इसके बाद यह हर 10 साल में 1 बार होती थी। वही, स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में की गई थी तथा इसके बाद भारत में अब तक छह बार जनगणना की गई है। बता दें कि परिसीमन की प्रक्रिया 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है।
जुड़िये प्रदेश के सबसे तेज न्यूज़ नेटवर्क से
https://chat.whatsapp.com/HjkV5Kqy2MoKMVdSPufHlm
About The Author






