बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में राशि पावर प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंची महिला कंपनी के डायरेक्टर की गाड़ी के सामने लेट गई। जिस पर कंपनी को पुलिस बुलानी पड़ गई। लोगों का कहना है कि कंपनी ने जमीन के बदले नौकरी देने का वादा किया था। वहीं, कंपनी ने कहा कि जिनकी जमीन नहीं है वो नौकरी की मांग कर दबाव बना रहे हैं। दरअसल, राशि पावर स्टील कंपनी मस्तूरी क्षेत्र के भदौरा में संचालित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन कंपनी ने पावर प्लांट लगाया और जमीन खरीदी की थी, तब पीड़ित परिवार के सदस्यों को जमीन के बदले नौकरी देने का वादा किया था।
स्थानीय लोग पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। तब कंपनी प्रबंधन के साथ उनकी बैठक भी हुई थी। तब कहा गया कि कंपनी ने बताया था कि जिन लोगों की जमीन ली गई थी उनके परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जा चुकी है। जिनकी जमीन नहीं है वो लोग भी नौकरी के लिए दबाव बना रहे हैं। शुक्रवार को भी स्थानीय लोग कंपनी की गेट के सामने प्रदर्शन कर रहे थे।
उसी समय जब कंपनी के संचालक रोहित अग्रवाल अपनी कार से निकल रहे थे तब एक महिला उनकी गाड़ी के सामने लेट गई, जिसकी वजह से उन्हें अपनी गाड़ी पीछे करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिस पर पुलिस ने भी उन्हें समझाइश देकर शांतिपूर्वक अपनी मांग रखने कहा।
बिलासपुर के राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड के प्रभावित किसान पहुंचे नौकरी मांगने.
मालिक के गाड़ी के नीचे लेट कर परिवार ने जताया विरोध.
लगभग 40 परिवारों का आरोप है कि जमीन को प्लांट ने खरीद लिया लेकिन नौकरी नही दी.#Chhattisgarh #Bilaspur pic.twitter.com/OJ0S7X6Oss
— 𝐒𝐮𝐫𝐲𝐚 𝐏𝐫𝐚𝐤𝐚𝐬𝐡 𝐒𝐮𝐫𝐲𝐚𝐤𝐚𝐧𝐭 (@SPsuryakant) September 6, 2024
राशि पावर कंपनी के PRO विनोद तिवारी ने कहा कि जमीन का अधिग्रहण 2012 से पहले किया गया था। तब कंपनी का संचालन दूसरे मैंनेजमेंट के हाथ था। उस समय लोगों से कोई लिखित में एग्रीमेंट भी नहीं हुआ था। अब कंपनी का संचालन अग्रवाल एंड संस कर रहा है। जो महिला अपने बेटे के लिए नौकरी मांग रही है, उसकी जमीन भी अधिग्रहित नहीं हुई है।
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