बिलासपुर :- जमीन पर कब्जा छुड़ाने की फरियाद पर कार्रवाई न होने से नाराज पांच महिलाएं अपने साथ पेट्रोल व माचिस लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गई। वे कार्रवाई न होने पर आत्महत्या की धमकी देने लगीं। परिसर में कलेक्टर मौजूद थे और एक बैठक ले रहे थे। वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों उनके हाथ से पेट्रोल का केन छीन लिया और अधिकारियों से मिलवाया।
ग्राम गतौरी और खाम्ही की 5 महिलाएं लक्ष्मी बाई (55 वर्ष), संतोषी बाई (45 वर्ष ), मिलापा बाई (60 वर्ष), बहुरा बाई (70 वर्ष) और गणेशिया बाई (80 वर्ष) ने बताया कि गतौरी में एक जमीन उनके पिता स्वर्गीय शिव सिंह के नाम पर दर्ज थी। इसका कुल रकबा 1.53 एकड़ है। वर्तमान में दो खसरा नंबर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो चुका है, जबकि एक खसरा शासकीय भूमि में दर्ज कर दिया गया है।
महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था। अनुविभागीय अधिकारी ने तहसीलदार बिलासपुर को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा था। लेकिन तहसीलदार लगातार रजिस्ट्री पेपर प्रस्तुत करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि असली दस्तावेज अनावेदक को प्रस्तुत करना चाहिए।
पीडि़त महिलाओं ने यह भी कहा कि कब्जाधारी व्यक्ति उन्हें बार-बार धमकी देता है कि वे इस जमीन के लिए लड़ाई बंद कर दें, नहीं तो उनके साथ बहुत बुरा होगा। इसके चलते महिलाएं न्याय की गुहार लगाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचीं। महिलाएं पेट्रोल और माचिस लेकर आत्मदाह की धमकी दे रही थीं और कहा कि यदि उनकी जान चली गई तो उसकी जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब होने के कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। महिलाओं ने कहा कि अगर उन्हें उनकी जमीन नहीं मिली तो वे आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगी। जिसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी। इस घटनाक्रम की जानकारी जैसे ही प्रशासन को हुई अधिकारियो में हडक़ंप मच गया और वहां उपस्थित पुलिस कर्मियों ने पैट्रोल को अपने पास रख लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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