पखांजूर – कांकेर जिले का अंतागढ़ विधानसभा एक कृषि प्रधान क्षेत्र है जहा लगभग 90% लोगो की जीविका खेती किसानी पर चलती है यहाँ के बाजार में खेती किसानी से जुड़े बीज और खाद का एक बड़ा बाजार है जहा लगातार इस बाजार में फर्जी बीज खाद का मामला हमेशा से सुर्खियों में रहता है और विभाग इसपर अंकुश लगाने असमर्थ दिखाई देती है जिसका सीधा खामियाजा किसानो को भुगतना पड़ता है इस बार भी एक बड़ा मामला सामने आया जहा बड़े पैमाने में नकली खाद पखांजूर पंहुचा और कार्यवाही हुई पर सवाल ये है अब तक इतने बड़े बाजार में कितने सालो से कहा कहा ऐसे नकली खाद किसानो को नुकसान किया है इसका कोई अनुमान नहीं लगा सकता वही दुकानदार शासन के नियमो की धज्जयां उड़ाते हुए किसानो को खाद बिना बिल के बेचा जा रहा है कोलीबेड़ा के किसान से मिडिया द्वारा बात किये जाने पर बताया गया की संगम चौक स्थित देवनाथ कृषि केंद्र से एक ट्रैक्टर खाद ख़रीदा गया जिसपे कोई बिल नहीं दिया गया महज कागजो में रकम लिख दिया गया ऐसे में शासन को खुलेआम चुना लगाया जाता है वही जानकारी अनुसार क्षेत्र में कई अबैध गोदाम है जहा खाद भरे होते है आखिर ये खाद कहा से आते है ?वही खाद की काला बाजारी रोकने जिले से टीम गठित किया गया था जिस टीम में स्थानीय कर्मचारी भी मौजूद थे और जांच से पहले अचानक क्षेत्र के सभी दुकाने बंद हो गए अब किसानो का सवाल है की आखिर उन्हें जांच होने की जानकारी किसने दी ऐसे में जांच टीम पुष्पा कृषि केंद्र में ठंडा गर्म पीते नजर आये जहा मिडिया से बात करते हुए स्थानीय कृषि निरीक्षक का कहना है की मिडिया उनतक जानकारी पहुचाये तो कार्यवाही करेंगे जब की मनोज सरकार स्थानीय कर्मचारी है और सालो से यही पदस्त है सभी दुकानदारों से व्यक्तिगत परिचय भी है ऐसे में जांच टीम में उनका नाम होना और जांच टीम के पखांजूर पहुंचते साथ पुरे दुकानों में ताला लग जाना लोगो में चर्चे का विषय बनता दिखाई दिया जैसे ही जांच टीम वापस हो गई अगले ही घंटे पुरे दुकाने खुल गई और बिना बिल का मॉल बेचना शुरू कर दिया गया
इस मामले में स्थानीय विधायक
विक्रम उसेंडी का कहना है की किसानो के साथ किसी भी प्रकार का धोखाधड़ी बर्दास्त नहीं किया जायेगा और नकली खाद बीज का मामला जो सामने आया इसपर बिलकुल कड़ी कार्यवाही की जाएगी
एन आर नेताम (वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी ) नकली खाद बीज की खबर क्षेत्र से लगातार मिल रही है जिसपर जांच के लिए टीम पहुंची है पर सभी दुकाने बंद होने की वजह से जांच सभी नहीं कर पाए
नोट – अब सवाल ये है की इतने बड़े बाजार में जांच के नाम पर दुकाने बंद हो गई तो आखिर पुरे साल भर स्थानीय अधिकारी कर्मचारी द्वारा कभी इसपर ध्यान क्यों नहीं दिया गया अब नकली खाद मिलते ही जिले से टीम आते साथ दुकाने बंद
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