जयपुर में एक अमेरिकी महिला को हीरे बताकर 6 करोड़ रुपए के पत्थर देकर ठगी करने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। इस मामले से परिचित एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी ज्वेलर और उसका बेटा पिछले दो सालों से महिला के साथ यह ठगी कर रहे थे।
आरोपी दुकानदार बाप-बेटे की पहचान राजेंद्र सोनी और गौरव सोनी के रूप में हुई है। आरोपी चांदी की चैन को पॉलिश करके सोने का बताते थे और 300 रुपए के कृत्रिम पत्थरों को नकली सर्टिफिकेट के साथ असली हीरे का बताकर विदेशी महिला को बेचा करते थे। इस तरह उन्होंने इस 6 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया।
इस बारे में जानकारी देते हुए माणक चौक पुलिस स्टेशन के SHO (स्टेशन हाउस ऑफिसर) गुरभूपेंद्र सिंह ने कहा, ‘पीड़िता साल 2022 से सोनी की जेम्स शॉप (रत्न दुकान) से गहने खरीद रही है। हालांकि, धोखाधड़ी का पता बीते अप्रैल में अमेरिका में लगी एक प्रदर्शनी के दौरान चला, जहां उसके आभूषण नकली होने के कारण खारिज कर दिए गए थे। जिसके बाद महिला बीते महीने की शुरुआत में दुकानदार से बात करने के लिए जयपुर पहुंची, जहां उनके बीच तीखी बहस हो गई।’
SHO ने आगे बताया, ‘बहस के बाद वे सभी मामले को सुलझाने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे। जहां अमेरिकी महिला ने पुलिस से नकली गहनों को बदलवाने की मांग की, साथ ही यह भी आरोप लगाया कि उसने दुकानदार से जो अन्य कीमती सामान खरीदा था, उनमें भी कैरेट से लेकर संख्या तक की बहुत सी गड़बड़ियां थीं। हालांकि दुकानदार बाप-बेटों ने महिला के लगाए सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि नोर्तजे ही उनकी दुकान से जबरन गहने लेकर गई थी। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में नोर्तजे अपने साथ लाए गए गहनों के साथ जाते हुए दिखाई दे रही हैं।’
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी नागरिक और पीड़िता चेरिश नोर्तजे ने इस मामले में 18 मई को आरोपी दुकानदार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद से ही आरोपी बाप-बेटे फरार हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक 18 मई को नोर्तजे द्वारा मामला दर्ज कराने के बाद माणक चौक पुलिस स्टेशन में दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक भी हुई। हालांकि दोनों बैठकें विफल होने के बाद, आरोपी पिता-पुत्र फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में राजेंद्र सोनी और गौरव सोनी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने महिला के खरीदे गहनों की सीतापुरा की लैब में जांच करवाई और इसके बाद पुष्टि की कि उसके खरीदे गहने नकली थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी दुकानदार के निर्देशों के आधार पर झूठा प्रमाण पत्र बनाने वाले नंद किशोर को गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने पैसे के बदले नकली प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में 19 मई को किशोर को भी गिरफ्तार किया है। राजेंद्र और गौरव के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। आगे की जांच जारी है।’
इस मामले में पीड़िता ने अमेरिकी दूतावास से भी मदद मांगी थी, जिसके दखल देने के बाद जयपुर पुलिस एक्टिव हुई और छानबीन शुरू की। आखिरकार पुलिस ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ लिया। पुलिस ने जांच में पाया है कि आरोपियों ने ठगी में मिली रकम का इस्तेमाल फ्लैट खरीदने में किया। इस फ्लैट की कीमत भी 3 करोड़ रुपए बताई जाती है।
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