सीकर लोकसभा सीट से भाजपा से दो बार सांसद रह चुके सुमेधानंद सरस्वती मैदान में हैं. तो उनके सामने इंडिया गठबंधन ने यहां माकपा के दिग्गज नेता अमराराम को मैदान में उतारा है. इंडिया गठबंधन के माकपा के दिग्गज नेता अमराराम अभी 50 हजार से भी ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं.
सीकर में 32 लाख से ज्यादा मतदाता हैं. 2019 के चुनाव के मुकाबले इस बार करीब चार प्रतिशत की गिरावट के साथ सीकर लोकसभा क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 57.53 प्रतिशत रहा. इस बार दोनों ही दल (भाजपा व माकपा) खुद को जीतता हुआ बता रहे हैं.
भाजपा प्रत्याशी सुमेधानंद सरस्वती लगातार तीसरी बार चुनावी मैदान में है. भाजपा के प्रबंधन में कमी भी उनका एक कमजोर पक्ष है. इसके अलावा चुनाव के समय जाट बोर्डिंग को लेकर सुमेधानंद सरस्वती ने जो बयान दिया उससे भी जाट समाज का एक वर्ग खासा नाराज है.
यदि हम इंडिया गठबंधन के माकपा प्रत्याशी अमराराम की बात करें तो सबसे कमजोर पक्ष माकपा को टिकट मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता का जुड़ाव और उनकी सक्रियता में कमी रही है. पूरे चुनाव में देखा गया कि ज्यादातर कार्यकर्ता चुनावी मैदान से दूर रहे.
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