भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। जिसमें कई महत्वपूर्व फैसले लिए गए है। मोहन सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, गेहूं का समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। अब किसानों को 125 रुपए बोनस मिलेगा। अभी 2275 रुपए MSP है। इस निर्णय के बाद किसानों को 2400 रुपए मिलेगा।
सोमवार को मोहन कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई। जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए हैं। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर…
- लोकायुक्त सत्येंद्र कुमार सिंह की नियुक्ति के मामले में कैबिनेट ने अनु समर्थन दिया।
- धार्मिक न्यास विभाग के तीर्थ योजना का विभाग भोपाल के सतपुड़ा भवन से शिफ्ट होकर उज्जैन में संचालक बैठेंगे।
- साइबर तहसील की शुरुआत को लेकर भी कैबिनेट ने अनुसमर्थन दिया।
- खाद के लिए राज्य विपरण संघ को 850 करोड़ रुपए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, सब्सिडी में किसानों को खाद मिलेगा।
- नीमच, मंदसौर और श्योपुर मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है। उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 1200 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
- केंद्र सरकार के योजना के आधार पर 13 नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे।
- उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 600 करोड़ रुपए जारी, सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 100 बिस्तर का अस्पताल बनाया जाएगा।
- प्रदेश के सभी अस्पतालों में शव वाहन होंगे, गरीब व्यक्ति को कलेक्टर और CMHO के निर्देश पर वाहन दिया जाएगा।
- पीएम श्री एयर एंबुलेंस में आयुष्मान कार्ड धारी किसी भी अस्पताल में एडमिट हो सकता है।
- कलेक्टर और कमिश्नर को अधिकार दिया गया है। इसके साथ ही निजी व्यक्ति को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
- दोनों के लिए अलग-अलग चार्ज होंगे सरकार एक हेलीकॉप्टर और एक चार्टर्ड अभी योजना में शामिल की है।
- गेहूं का समर्थन मूल्य में खरीदी 30 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने 125 रुपए बोनस देने का फैसला किया है, अभी 2275 पर खरीदी होती थी लेकिन अब 2400 पर गेहूं खरीदा जाएगा।
- पीएम जनजाति न्याय योजना के तहत बैगा, सहारिया और भारिया के पास बिजली पहुंचे, दूर इलाकों में सोलर से बिजली
लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में उमंग सिंगार की प्रक्रिया नहीं देने पर कैलाश विजयवर्गी ने कहा उनका बयान गलत है। सीएम आवास से अधिकारी उनके पास पहुंचे थे। उन्हें इस बारे में जानकारी दी लेकिन उन्होंने अपनी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी। मुख्यमंत्री और चीफ जस्टिस ने इस विषय पर अपनी राय दी थी। उमंग सिंगार से पूछा गया था लेकिन अगर वह सहमत थे तो उन्हें लिख देना चाहिए था। यह गलत कह रहे हैं कि सरकार ने उनसे पूछा नहीं था।
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