बिलासपुर । दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों को अब सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाना होगा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर बचकर निकलना आसान नहीं होगा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने एक आदेश जारी कर बिलासपुर, अंबिकापुर, दुर्ग एवं जगदलपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) को ट्रैफिक चालान के मामले में सुनवाई के लिए अपने कार्य के अलावा अतिरिक्त वर्चुअल कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य करने नामित किया है।
यातायात व्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की गंभीरता से यह तय हो गया है कि आने वाले दिनो में सड़कों पर यातायात पुलिस की निगरानी सख्त होगी। रेड सिग्नल जंप करने वाले और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। यह सब सड़कों पर सुरक्षित यातायात के मद्देनजर किया जा रहा है। यातायात पुलिस द्वारा ऐसे मामले जिसमें आन स्पाट जुर्माना करने का अधिकार नहीं है संबंधित कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाता है।
कोर्ट में चालान पेश करने के बाद सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होती है। इसमें विलंब होने के कारण मामला भी लगातार बढ़ते जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए अब वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है। प्रथम चरण में चार जिलों में ट्रैफिक चालान के मामले में वर्चुअल कोर्ट की व्यवस्था की गई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अपने कार्य के अतिरिक्त ट्रैफिक चालान से संबंधित प्रकरणों की वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई करेंगे।
रजिस्ट्रार जनरल ने नई व्यवस्था की इनको दी जानकारी
– अपर रजिस्ट्रार-सह-पीपीएस कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ उच्च न्यायालय,
– निजी सचिव न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर
– निजी सचिव न्यायमूर्ति पीएस. कोशी, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर
– निजी सचिव न्यायमूर्ति संजय एस अग्रवाल छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर
– निजी सचिव न्यायमूर्ति अरविन्द सिंह चन्देल छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर
इन मामलों की वर्चुअल कोर्ट में होगी सुनवाई
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऐसे मामले जिसमें ट्रैफिक पुलिस आन स्पाट जुर्माना नहीं कर सकती है उनको वर्चुअल कोर्ट में पेश करेगी। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अलावा बसों व बाइक में क्षमता से अधिक सवारी बैठाना,पंजीयन के विस्र्द्ध वाहन चलाना।
इसमें आन स्पाट जुर्माना
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 119 में ट्रैफिक पुलिस को आन स्पाट जुर्माना का प्रविधान है। इसमें 300 स्र्पये जुर्माना है। धारा 179 के तहत 500 स्र्पये,मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 129 बिना हेलमेट वाहन चलाना इसमें पहले 500 स्र्पये जुर्माना का प्रविधान था। इसे बढ़ा दिया गया है। बिना ड्रायविंग लाइसेंस गाड़ी चलाना,रेड सिग्नल जंप करना,मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 183 के तहत निर्धारित गति से तेज वाहन चलाना और धारा 184 खतरनाक ढंग से वाहन चलाने के आरोप में यातायात पुलिस को आनस्पाट जुर्माना का अधिकार दिया गया है।
About The Author






