नई दिल्ली. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जी एंटरटेनमेंट के एक शेयरधारक की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने अपनी भारतीय इकाई का सोनी के साथ विलय करने का अनुरोध किया था। NCLT की मंजूरी के बावजूद इस विलय समझौते को पिछले सप्ताह समाप्त कर दिया गया था। बता दें कि NCLT की मुंबई पीठ ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के शेयरधारक मैड मेन फिल्म वेंचर्स द्वारा दायर एक याचिका पर सोनी को नोटिस जारी किया। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट को पहले सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएनआई) के नाम से जाना जाता था।
12 मार्च को सुनवाई
मैड मेन फिल्म वेंचर्स ने मंगलवार को याचिका दायर कर जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और सोनी दोनों से विलय को लागू करने का अनुरोध किया था क्योंकि अगस्त 2023 में NCLT द्वारा अनुमोदित किया गया था। NCLT ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 मार्च मुकर्रर की है।
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT)की मुंबई पीठ ने पिछले साल अगस्त में विलय को मंजूरी दे दी थी। इस समझौते से 10 अरब अमेरिकी डॉलर की मनोरंजन कंपनी अस्तित्व में आती। समझौते के तहत विलय 21 दिसंबर 2023 से पहले पूरा किया जाना था। बाद में यह अवधि एक महीने और बढ़ा दी गई थी।
शेयर की कीमत: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के शेयर की बात करें तो करीब 7% चढ़ गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 176 रुपये तक पहुंच गई। बीते 12 दिसंबर को शेयर की कीमत 299.50 रुपये थी।
आपको बता दें कि बीते 22 जनवरी को जापान के सोनी ग्रुप ने अपने भारतीय कारोबार के जी एंटरटेनमेंट के साथ विलय की योजना को रद्द कर दिया था। विलय योजना लागू होने की स्थिति में नई इकाई 10 बिलियन डॉलर की होती।
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