रायपुर। छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन हो गया है। बीजेपी ने प्रदेश की कमान विष्णुदेव साय को सौंपी है और उनके साथ दो डिप्टी सीएम बनाये गए हैं। नई सरकार के आते ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं को बंद करने और नाम बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय ने बघेल सरकार की जिस पहली योजना का नाम बदला है वह है राजीव गांधी के नाम की योजनाएं। इस योजना की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने की थी। सीएम साय ने राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का नाम बदल कर उसे दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना कर दिया है। यह खुलासा बुधवार विधानसभा में हुए राज्यपाल के अभिभाषण में हुआ। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचन्दन ने अपने अभिभाषण में कहा कि, सरकार चुनाव के दौरान किए गए विभिन्न वादों को पूरा करने की दिशा में समुचित कदम उठाएगी। उन्होंने आगे कहा कि, सरकार धान खरीदी के 2 वर्षों के लंबित बोनस, कृषि उन्नति योजना, दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना, महतारी वंदन योजना, घर-घर निर्मल जल योजना, रानी दुर्गावती योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5 हजार 500 रुपये प्रतिमानक बोरा करेन, 4 हजार500 रुपये बोनस, चरण पादुका और अन्य सुविधाएं पुन: प्रारंभ करने जैसे चुनाव घोषणा पत्र के मुद्दों व निर्णय की समयबद्ध् प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये सालाना देने का वादा किया था। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शुरुआत की थी। पहले इस योजना के तहत हितग्राहियों को 6 हजार रुपये सालाना देने की घोषणा की गई थी। बाद में राहुल गांधी के आग्रह पर इसे बढ़कार 7 हजार रुपये सालाना कर दिया गया था। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का 5 लाख 63 हजार से अधिक भूमिहीन परिवारों को लाभ मिल रहा था।
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