भोपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर को आज सर्वसम्मति से मध्यप्रदेश विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके तत्काल बाद उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।
नवगठित सोलहवीं विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए श्री तोमर के नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और श्री भूपेंद्र सिंह ने रखा। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह, डॉ राजेंद्र कुमार सिंह और जयवर्धन सिंह की ओर से भी श्री तोमर के नाम का प्रस्ताव रखा गया। इसका समर्थन क्रमश: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रहलाद पटेल, राजेंद्र शुक्ल, रामनिवास रावत, हेमंत कटारे और तुलसी सिलावट ने किया। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने श्री तोमर को निर्वाचित घोषित कर दिया।
निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने पर श्री तोमर ने विधिवत तरीके से कामकाज संभाल लिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने श्री तोमर को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि सदन की गौरवशाली परंपराएं और मजबूत होंगी।
श्री तोमर मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं। श्री तोमर का जन्म मुरैना जिले की पोरसा तहसील के औरेठी गांव में 12 जून 1957 को हुआ। उनके पिता श्री मुंशी सिंह तोमर पेशे से किसान थे। स्नातक तक शिक्षा हासिल करने वाले श्री तोमर केंद्र और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व मंत्री के रूप में संभालते आए हैं। वे संगठन में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे और वे कुशल प्रशासक के साथ ही बेहतर संगठक तथा समन्वयक के रूप में पहचाने जाते हैं।
राज्य के ग्वालियर चंबल अंचल का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री तोमर ने छात्र जीवन के दौरान राजनीति में प्रवेश किया और वे ग्वालियर के मुरार स्थित शासकीय महाविद्यालय में वर्ष 1979 80 में छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए। वे 1983 से 1987 तक ग्वालियर नगर निगम में पार्षद रहे और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।
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